HamariChoupal,16,06,2026
भीमावाला-नावघाट पुल की नींव को खोखला कर रहा था अवैध खनन! सोशल मीडिया पर मुद्दा गूंजने के बाद जागा प्रशासन
विकासनगर। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश को जोड़ने वाले करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित भीमावाला-नावघाट पुल की सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। पुल के आसपास लंबे समय से चल रहे अवैध खनन और ड्रेजिंग कार्य से पुल की नींव पर खतरा मंडरा रहा था, लेकिन जिम्मेदार विभाग और प्रशासनिक अधिकारी इस गंभीर मामले से अनजान बने रहे
विकासनगर/देहरादून। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश को जोड़ने वाले नवनिर्मित भीमावाला नावघाट पुल के नीचे चल रहे अवैध खनन के मामले को प्रमुखता से उठाने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। स्थानीय समाचार मंच “हमारी चौपाल” द्वारा पुल की नींव के आसपास हो रहे खनन से जुड़े खतरे को उजागर किया गया था, जिसके बाद जिलाधिकारी ने मामले का संज्ञान लेते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए।
सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों में मामला सामने आने के बाद मंगलवार को प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। जिलाधिकारी के निर्देश पर खनन गतिविधियों की जांच शुरू कर दी गई है तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
गौरतलब है कि भीमावाला नावघाट पुल उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के बीच महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। पुल की नींव के आसपास खनन होने से उसकी सुरक्षा और मजबूती को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता बनी हुई थी। “हमारी चौपाल” ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया था।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन की कार्रवाई का स्वागत करते हुए मांग की है कि पुल के आसपास अवैध खनन पर स्थायी रोक लगाई जाए, ताकि करोड़ों रुपये की लागत से बने इस महत्वपूर्ण पुल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
“सोशल मीडिया और जनहित के मुद्दे पर बढ़ते दबाव के बाद जिला प्रशासन को कार्रवाई करनी पड़ी। पुल की नींव के लिए खतरा बन रहे ड्रेजिंग कार्य को 500 मीटर के दायरे से हटाकर सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित कर दिया गया है।”
