हमारी चौपाल
देहरादून, 31 जुलाई। उत्तराखण्ड के उच्च शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में आधुनिक और रोजगारोन्मुखी शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुक्रवार को लोक भवन में ‘AI-For-All’ पहल का शुभारंभ किया गया। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) की उपस्थिति में दून विश्वविद्यालय और IIT मद्रास के बीच सहयोग संबंधी एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
यह पहल दून विश्वविद्यालय, IIT मद्रास, प्रवर्तक टेक्नोलॉजीज फाउंडेशन और ‘स्वयं प्लस’ के संयुक्त सहयोग से संचालित होगी। पहले चरण में उत्तराखण्ड के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए AI आधारित कई अत्याधुनिक एवं रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम उपलब्ध कराए जाएंगे।
राज्यपाल ने कहा कि ‘AI-For-All’ केवल एक शैक्षणिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड की उच्च शिक्षा को वैश्विक तकनीक और नवाचार से जोड़ने की नई शुरुआत है। इससे राज्य के युवा भविष्य की तकनीकों के केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि उनके सृजनकर्ता बनेंगे। उन्होंने कहा कि डिजिटल शिक्षा के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी देश के अग्रणी संस्थानों जैसी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिलेगा।
IIT मद्रास के निदेशक पद्मश्री प्रो. वी. कामाकोटी ने बताया कि ‘स्वयं प्लस’ शिक्षा मंत्रालय की पहल है, जिसका उद्देश्य देशभर के विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता वाली रोजगारोन्मुखी शिक्षा उपलब्ध कराना है। वहीं, दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल ने इस साझेदारी को उत्तराखण्ड के युवाओं के लिए ऐतिहासिक अवसर बताया।
कार्यक्रम में उत्तराखण्ड तकनीकी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. तृप्ता ठाकुर, श्री देव सुमन उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अम्बरीश कुमार महाजन, CSIR-IIP के निदेशक डॉ. हरेंद्र सिंह बिष्ट सहित कई शिक्षाविद और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
