देहरादून। रेंजर्स ग्राउंड में बुधवार को आयोजित “युवा संकल्प दिवस” कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने युवाओं को विकसित और आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड की सबसे बड़ी ताकत बताया। अपने जन्मदिवस को युवा संकल्प दिवस के रूप में मनाए जाने पर उन्होंने युवाओं का आभार जताते हुए कहा कि युवा शक्ति के बीच उपस्थित होना उनके लिए सबसे बड़ा उपहार है। कार्यक्रम स्थल पर मुख्यमंत्री ने फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के संकल्प को पूरा करने में आज की युवा पीढ़ी की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। विकसित भारत के साथ विकसित उत्तराखण्ड के लक्ष्य को हासिल करने में युवाओं की प्रतिभा, मेहनत और नवाचार निर्णायक साबित होंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, स्वरोजगार, स्टार्टअप और खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध करा रही है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के युवाओं को अपने सपनों को पूरा करने के लिए मजबूरी में गांव और प्रदेश से बाहर न जाना पड़े। युवा केवल नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले उद्यमी भी बनें।
तकनीक के बदलते दौर में कौशल पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, ऑटोमेशन और डिजिटल तकनीक रोजगार एवं उद्योग की तस्वीर तेजी से बदल रहे हैं। ऐसे में युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक कौशल से जोड़ना जरूरी है। पर्यटन, होमस्टे और स्थानीय उत्पादों के जरिए भी स्वरोजगार के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में औद्योगिक विकास और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने के लिए चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में विशेष औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने कहा कि राज्य युवा आयोग का गठन युवाओं की आशाओं और आकांक्षाओं को नीति निर्माण से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आयोग कौशल विकास, रोजगार, उद्यमिता और नवाचार के साथ युवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने तथा नशे और साइबर अपराध जैसी सामाजिक चुनौतियों के प्रति जागरूक करने में भूमिका निभाएगा।
नकल विरोधी कानून का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के युवा खेलों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन के बाद उत्तराखण्ड की पहचान खेलभूमि के रूप में भी मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए राज्य में कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया गया है।
युवाओं से मांगा ‘तीन संकल्पों का गुलदस्ता’
मुख्यमंत्री ने अपने जन्मदिवस पर युवाओं से “तीन संकल्पों का गुलदस्ता” मांगा। पहला—जीवन में बड़ा लक्ष्य निर्धारित कर उसे हासिल करने के लिए पूरी मेहनत करना। दूसरा—स्वयं नशे से दूर रहना और अपने साथियों को भी नशे से दूर रखना। तीसरा—जीवन में सफलता हासिल करने के बाद अपने ज्ञान, अनुभव और सामर्थ्य का कुछ हिस्सा उत्तराखण्ड के विकास में लगाना।
उन्होंने युवाओं से स्वामी विवेकानंद के संदेश “उठो, जागो और तब तक मत रुको, जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए” को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा तकनीक और मोबाइल का इस्तेमाल केवल मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि ज्ञान और कौशल बढ़ाने के लिए करें। सोशल मीडिया पर मिलने वाली भ्रामक अथवा आधी-अधूरी सूचनाओं को तथ्यों की कसौटी पर परखने की भी उन्होंने सलाह दी।
नशे को युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन हाथों में किताब और हुनर होना चाहिए, उनमें नशा नहीं होना चाहिए। उन्होंने युवाओं से स्वयं नशे से दूर रहने के साथ दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक विनोद चमोली, सविता कपूर, बृजभूषण गैरोला, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।
युवा शक्ति के संकल्प से बनेगा विकसित उत्तराखण्ड : धामी
युवा संकल्प दिवस पर मुख्यमंत्री ने युवाओं से लिए तीन संकल्प, नशे से दूर रहने और प्रदेश के विकास में योगदान का किया आह्वान
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