अनुराग गुप्ता
देहरादून, 15 सितंबर।
मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ शिकंजा कसते हुए झाझरा क्षेत्र में करीब पांच बीघा भूमि पर की जा रही अनधिकृत प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान मौके पर प्लॉटिंग से संबंधित स्वीकृत तलपट मानचित्र प्रस्तुत नहीं किया जा सका। इसके बाद प्राधिकरण ने नियमानुसार वाद दायर कर कार्रवाई को अंजाम दिया।
एमडीडीए के अनुसार चरनपाल आदि द्वारा नन्दा एन्कलेव, सैनिक कॉलोनी, एलपी विलाश के सामने झाझरा में करीब पांच बीघा भूमि पर डिमार्केशन कर प्लॉटिंग की जा रही थी। निरीक्षण के दौरान प्राधिकरण की टीम को मौके पर स्वीकृत तलपट मानचित्र नहीं मिला। मामले को गंभीरता से लेते हुए प्राधिकरण स्तर से नियमानुसार कार्रवाई शुरू की गई और जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्थल पर की जा रही समस्त अनधिकृत प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया गया।
सेक्टरवार टीमें कर रही निगरानी
अवैध निर्माण और प्लॉटिंग पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए एमडीडीए ने सेक्टरवार टीमों को सक्रिय किया है। ये टीमें अपने-अपने क्षेत्रों में निर्माण गतिविधियों और प्लॉटिंग पर नजर रख रही हैं। विकासनगर, सहसपुर, ऋषिकेश, रायपुर और डोईवाला समेत प्राधिकरण क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
प्राधिकरण का कहना है कि कार्रवाई अब केवल छोटे निर्माणों तक सीमित नहीं है, बल्कि नियमों का उल्लंघन करने वाली बड़ी इमारतों, व्यावसायिक निर्माणों और अनधिकृत प्लॉटिंग के मामलों में भी नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
प्लॉट खरीदने से पहले जांच जरूरी
एमडीडीए ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी भूखंड की खरीद से पहले उसके ले-आउट और तलपट मानचित्र की स्वीकृति तथा भूमि की वैधानिक स्थिति की जांच जरूर करें। प्राधिकरण के मुताबिक अनधिकृत प्लॉटिंग में जमीन खरीदने वाले लोगों को भविष्य में सड़क, जल निकासी, पार्किंग और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
बंशीधर तिवारी ने कहा—कार्रवाई आगे भी रहेगी जारी
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लॉटिंग के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। सेक्टरवार टीमों को क्षेत्र में निर्माण गतिविधियों की नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि बिना स्वीकृत मानचित्र के प्लॉटिंग नियोजन व्यवस्था को प्रभावित करने के साथ भविष्य में आम लोगों के लिए भी परेशानी का कारण बन सकती है। झाझरा में करीब पांच बीघा क्षेत्र में की जा रही अनधिकृत प्लॉटिंग को नियमानुसार कार्रवाई के बाद ध्वस्त किया गया है।
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत निर्माण के मामलों में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। सेक्टरवार टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं और नियमों का उल्लंघन मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
