Hamarichoupal,15,06,2026
देहरादून, 15 जून। जिला प्रशासन की पहल पर आयोजित समाधान दिवस आर्थिक संकट से जूझ रहे कई परिवारों के लिए राहत लेकर आया। ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित जनसुनवाई के दौरान चार ऐसे परिवारों की समस्याएं सामने आईं, जिनके बच्चे गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देश पर इन बच्चों को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सोमवार को अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के.के. मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित समाधान दिवस में जिले भर से आए लोगों ने भूमि विवाद, अवैध कब्जा, सीमांकन, खाता-खतौनी, अतिक्रमण, जाति प्रमाण पत्र और आर्थिक सहायता से जुड़ी कुल 146 शिकायतें दर्ज कराईं। अधिकांश मामलों का मौके पर निस्तारण किया गया, जबकि शेष प्रकरणों को संबंधित विभागों को भेजते हुए समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
ग्राम पंचायत छरबा में सरकारी बंजर भूमि की अवैध बिक्री और शिकायतकर्ता को जान से मारने की धमकी देने के मामले में प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस और तहसील प्रशासन को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
जनसुनवाई में दो बुजुर्गों ने अपने ही परिजनों द्वारा उत्पीड़न और मकान पर कब्जा करने की शिकायत की। इस पर एडीएम ने संबंधित एसडीएम और पुलिस अधिकारियों को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
विकासखंड कालसी के सहिया में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना का मुद्दा भी समाधान दिवस में उठा। प्रशासन ने बताया कि मामला शासन स्तर पर विचाराधीन है। वहीं सहस्रधारा मार्ग पर सड़क की खराब स्थिति को लेकर लोक निर्माण विभाग को तत्काल मरम्मत कार्य कराने के निर्देश दिए गए।
आर्थिक सहायता से जुड़े मामलों में वाणी विहार निवासी दीपा मेहरा ने बेटी की स्कूल फीस के लिए मदद मांगी, जबकि अन्य आवेदकों ने पानी का बिल माफ करने और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराने की मांग रखी। इन मामलों में भी संबंधित विभागों को जांच और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
अपर जिलाधिकारी के.के. मिश्रा ने कहा कि जनसमस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों का निर्धारित समय सीमा में निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर एडीएम प्रशासन स्मृता परमार, सिटी मजिस्ट्रेट राजेश तिवारी, एसडीएम रविन्द्र ज्वांठा, एसडीएम अपर्णा ढौंडियाल, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, तहसीलदार सुरेन्द्र देव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
