Hamarichoupal,22,05,2026
रुद्रपुर/हल्द्वानी, 22 मई। कुमाऊं परिक्षेत्र में भोले-भाले लोगों को जमीन और निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले संगठित भू-धोखाधड़ी सिंडिकेट का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। मामले में पुनर्गठित एसआईटी ने कार्रवाई करते हुए मुख्य अभियुक्त धनंजय गिरी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार गिरोह द्वारा अब तक करीब ₹25 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी किए जाने की पुष्टि हुई है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वर्ष 2018 से अब तक इस मामले में कुल 9 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें से 3 मामलों की जांच वर्तमान में गहनता से जारी है। वहीं, 15 से 20 अन्य पीड़ितों की शिकायतें भी लगातार पुलिस के संज्ञान में आ रही हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्व में गठित एसआईटी की कार्यशैली पर सवाल उठने के बाद आईजी कुमाऊं रिद्धिम अग्रवाल ने 17 अप्रैल 2026 को पुरानी एसआईटी को भंग कर दिया था। इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ऊधमसिंहनगर अजय गणपति के पर्यवेक्षण में तथा एसपी क्राइम जितेन्द्र चौधरी की अध्यक्षता में नई एसआईटी का गठन किया गया।
पुनर्गठित एसआईटी ने लगातार कार्रवाई करते हुए 21 मई को मुख्य आरोपी धनंजय गिरी को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया है कि गिरोह एक सुनियोजित सिंडिकेट के रूप में कार्य कर रहा था और अवैध वित्तीय लाभ कमाने के उद्देश्य से लोगों को जमीन और निवेश के नाम पर जाल में फंसा रहा था।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 111 बीएनएस के तहत संगठित अपराध की कठोर धाराएं लगाई हैं। इसके साथ ही अपराध से अर्जित अवैध संपत्तियों को चिन्हित कर उनके जब्तीकरण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। पुलिस ने बताया कि धारा 107 बीएनएसएस के तहत संपत्तियों को जब्त कर भविष्य में पीड़ितों को आनुपातिक आधार पर राहत दिलाने की तैयारी की जा रही है।
इसके अलावा, चिन्हित संपत्तियों की खरीद-फरोख्त रोकने के लिए जिलाधिकारी नैनीताल को भी आवश्यक पत्र भेजे गए हैं, ताकि आरोपियों द्वारा संपत्तियों का अवैध हस्तांतरण न किया जा सके।
