हमारी चौपाल
देहरादून/हरिद्वार, 3 अगस्त। पवित्र कांवड़ मेला-2026 को सकुशल और शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए गढ़वाल परिक्षेत्र पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है। पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) गढ़वाल परिक्षेत्र ने मेला क्षेत्र की सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं की समीक्षा करते हुए तैनात पुलिस अधिकारियों और जवानों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
30 जुलाई से शुरू हुआ कांवड़ मेला 11 अगस्त तक चलेगा। आगामी 8 से 11 अगस्त तक डाक कांवड़ और 11 अगस्त को श्रावण शिवरात्रि के मुख्य जलाभिषेक पर्व को देखते हुए पुलिस ने विशेष सुरक्षा इंतजाम किए हैं।
पुलिस के अनुसार, अब तक हरिद्वार से 76 लाख 85 हजार से अधिक और नीलकंठ से 5 लाख 72 हजार से अधिक कांवड़ यात्री आवागमन कर चुके हैं। इस दौरान करीब 70 हजार से अधिक वाहनों की आवाजाही दर्ज की गई है।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत पूरे मेला क्षेत्र को 22 सुपर जोन, 67 जोन और 200 सेक्टरों में विभाजित कर पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई है। संवेदनशील स्थानों, प्रमुख घाटों और मंदिर परिसरों में नागरिक पुलिस के साथ अर्द्धसैनिक बल, एटीएस, बीडीएस, एसडीआरएफ और जल पुलिस की विशेष टीमें तैनात की गई हैं।
यातायात व्यवस्था पर नजर रखने के लिए हरिद्वार में ड्रोन सर्विलांस के लिए 10 जोन बनाए गए हैं, जबकि नीलकंठ और ऋषिकेश क्षेत्र में भी अतिरिक्त ड्रोन तैनात किए गए हैं। चारधाम कंट्रोल रूम (पटेल भवन) से 529 CCTV कैमरों के माध्यम से 24 घंटे निगरानी की जा रही है।
पुलिस ने सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं पर रोक लगाने के लिए साइबर कमांडो की तैनाती की है। वहीं गंगा घाटों पर SDRF और जल पुलिस की टीमों ने अब तक 18 कांवड़ यात्रियों को डूबने से बचाया है। खोया-पाया सेल की मदद से 20 गुमशुदा लोगों को उनके परिजनों से मिलाया गया है।
सुरक्षा और विद्युत तारों को देखते हुए पैदल कांवड़ की अधिकतम ऊंचाई 6 फीट और झांकियों की ऊंचाई 10 फीट निर्धारित की गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मार्गदर्शन हेतु क्यूआर कोड भी जारी किए गए हैं।
पुलिस ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे प्रशासन द्वारा जारी यातायात प्लान का पालन करें, अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि कांवड़ मेला सुरक्षित और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया जा सके।
