देहरादून। देहरादून बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं को जल्द ही अपना प्रोफेशनल ऑफिस भवन मिलने की उम्मीद जगी है। प्रस्तावित भवन के डिजाइन और निर्माण योजना को लेकर जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने शुक्रवार को मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) तथा बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में भवन के सर्वे प्लान, की-प्लान, क्षेत्रफल, साइट प्लान, पार्किंग, प्रवेश-निकासी और अन्य तकनीकी पहलुओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में एमडीडीए की सीनियर आर्किटेक्ट दृष्टि जैन ने प्रस्तावित भवन की डिजाइन और निर्माण योजना का प्रस्तुतीकरण किया। उन्होंने बताया कि भवन निर्माण के लिए 8,881.28 वर्ग मीटर भूमि का सर्वेक्षण पूरा कर लिया गया है। प्रस्तावित भवन में ग्राउंड फ्लोर के अलावा सात मंजिलों का निर्माण किया जाएगा। इसमें अधिवक्ताओं के लिए 10×10 आकार के 500 से अधिक चैंबर प्रस्तावित हैं।
अधिवक्ताओं और आमजन की सुविधा का रखा जाएगा ध्यान
प्रस्तावित भवन की डिजाइन में अधिवक्ताओं के साथ-साथ आमजन की सुविधा को भी प्राथमिकता दी गई है। भवन में प्रवेश और निकासी की समुचित व्यवस्था, वाहनों के लिए पार्किंग तथा अन्य जरूरी सुविधाओं को शामिल किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, भवन के स्वरूप, उपयोगिता और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तकनीकी मानकों के अनुरूप योजना तैयार की जा रही है।
फायर सेफ्टी और इमरजेंसी एग्जिट पर विशेष जोर
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भवन के डिजाइन और निर्माण योजना में फायर सेफ्टी प्लान, इमरजेंसी एग्जिट तथा लिफ्ट सिस्टम का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि भवन में बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं के साथ आमजन का भी आवागमन होगा। ऐसे में सुरक्षा, सुगम आवाजाही और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप होनी चाहिए।
डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी आवश्यक तकनीकी बिंदुओं को शामिल करते हुए भवन निर्माण का अंतिम प्रस्ताव शीघ्र तैयार किया जाए, ताकि परियोजना को आगे बढ़ाया जा सके।
बैठक में एमडीडीए के अधिशासी अभियंता एसएस रावत, सीनियर आर्किटेक्ट दृष्टि जैन, बार एसोसिएशन अध्यक्ष अनिल कुकरेती, सचिव अजय बिष्ट, सीनियर काउंसिल आरएस रावत, प्रेम चंद्र शर्मा, अनुराग गुप्ता और धर्मवीर नेगी उपस्थित रहे।
