सहसपुर, 1 सितंबर। भारी बारिश ने सहसपुर क्षेत्र में सड़क और पुल निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोडा गांव और कांसवाला से मांडूवाला मार्ग को जोड़ने वाला पुल एवं संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त होकर पूरी तरह टूट गया, जिससे ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित हो गई है। हालात यह हैं कि प्रभावित गांवों तक जरूरी सामान की आपूर्ति भी बाधित हो रही है और घरों तक गैस सिलेंडर पहुंचना भी मुश्किल हो गया है।
मौके पर पहुंचे कांग्रेस नेता आर्येंद्र शर्मा ने ग्रामीणों से हालात की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों से बातचीत कर तत्काल राहत एवं संपर्क मार्ग बहाल करने की मांग की।
आर्येंद्र शर्मा ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार हजारों करोड़ रुपये के विकास कार्यों का दावा करती है, लेकिन बारिश की पहली परीक्षा में ही सड़कें और पुल जवाब दे रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब विकास पर ₹7 हजार करोड़ खर्च किए जाने का दावा किया जा रहा है तो जनता के टैक्स का पैसा आखिर कहां खर्च हुआ?
उन्होंने कहा, “सरकार शिलान्यास करने में मजबूत है, लेकिन उसके विकास कार्य बारिश की पहली मार भी नहीं झेल पा रहे। जनता को भाषण और शिलान्यास नहीं, मजबूत सड़कें, सुरक्षित पुल और जवाबदेह व्यवस्था चाहिए।”
उन्होंने कहा कि नंदा की चौकी समेत कई स्थानों पर सड़क और पुल क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, लेकिन अब तक निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और जिम्मेदारी तय करने को लेकर ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही है।
आर्येंद्र शर्मा ने मांग की कि जिन निर्माण कार्यों में लापरवाही, घटिया गुणवत्ता या भ्रष्टाचार की शिकायत सामने आ रही है, उनकी निष्पक्ष तकनीकी जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि जनता के टैक्स के एक-एक रुपये का हिसाब सरकार को देना होगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत, संपर्क मार्ग की बहाली और जिम्मेदारी तय करने की कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस इस मुद्दे को सड़क से सदन तक उठाएगी।
पुल टूटा, रास्ता बंद और गांव बेहाल,आर्येंद्र बोले, ‘जनता के टैक्स का हिसाब दो सरकार’
बारिश की पहली मार में ढहा विकास का दावा, पुल टूटा तो सरकार पर बरसे आर्येंद्र शर्मा
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