देहरादून, 3 अगस्त। उत्तराखंड सरकार ने ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेश में जिला सहकारी बैंकों की 34 नई शाखाएं खोलने का निर्णय लिया है। सहकारिता विभाग ने विभिन्न जनपदों से प्राप्त प्रस्तावों में से 34 को मंजूरी दे दी है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से अनुमति मिलते ही इन शाखाओं का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि राज्य सरकार सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। इसी उद्देश्य से जिला सहकारी बैंकों का नेटवर्क बढ़ाया जा रहा है, ताकि गांवों तक आधुनिक बैंकिंग सेवाएं पहुंच सकें और लोगों को सहकारिता योजनाओं का सीधा लाभ मिले।
उन्होंने बताया कि विभाग को नई शाखाएं खोलने के 41 प्रस्ताव प्राप्त हुए थे, जिनमें से 34 को स्वीकृति दी गई है, जबकि 7 प्रस्ताव अपूर्ण पाए गए। हरिद्वार जनपद के पांच प्रस्तावों को आवश्यक संशोधन के बाद दोबारा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वीकृत प्रस्तावों के अनुसार नई शाखाएं अल्मोड़ा, देहरादून, पौड़ी गढ़वाल, नैनीताल, पिथौरागढ़, टिहरी, ऊधमसिंह नगर, उत्तरकाशी और चमोली जनपदों के विभिन्न क्षेत्रों में खोली जाएंगी। इससे ग्रामीण और सीमांत क्षेत्रों के लोगों को बैंकिंग सेवाओं के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।
डॉ. रावत ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में जिला सहकारी बैंकों की 315 शाखाएं संचालित हैं। नई शाखाएं शुरू होने के बाद किसानों, महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों, लघु उद्यमियों और ग्रामीण उपभोक्ताओं को ऋण, बचत, डिजिटल बैंकिंग सहित अन्य वित्तीय सेवाएं अधिक सुगमता से उपलब्ध होंगी।
उन्होंने कहा कि विभाग ने सभी स्वीकृत प्रस्ताव भारतीय रिजर्व बैंक को भेज दिए हैं। आरबीआई की मंजूरी मिलते ही नई शाखाओं का विधिवत संचालन प्रारंभ कर दिया जाएगा। इससे सहकारी बैंकिंग नेटवर्क मजबूत होगा और ग्रामीण क्षेत्रों के समावेशी विकास को नई गति मिलेगी।
ग्रामीण उत्तराखंड को मिलेगी बैंकिंग की नई ताकत, खुलेंगी सहकारी बैंक की 34 नई शाखाएं : धन सिंह रावत
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