हमारी चौपाल
हरिद्वार, 4 अगस्त। कांवड़ यात्रा के दौरान मंगलवार को हरिद्वार में आस्था, सेवा और सम्मान का अनूठा संगम देखने को मिला। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हेलीकॉप्टर से शिवभक्त कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। इसके बाद अलकनंदा होटल परिसर में आयोजित कार्यक्रम में पांच शिवभक्तों का चरण प्रक्षालन कर उनका सम्मान किया तथा अपने हाथों से श्रद्धालुओं को भोजन परोसा।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कांवड़ यात्रियों के लिए स्थापित मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सेवा शिविर का शुभारंभ किया और शिविर में उपलब्ध चिकित्सकीय सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को श्रद्धालुओं को त्वरित उपचार, दवाइयों और अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि देवभूमि आने वाले प्रत्येक शिवभक्त को सुरक्षित, सुगम और सम्मानजनक वातावरण मिले। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक चेतना का महापर्व है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष अब तक एक करोड़ से अधिक श्रद्धालु गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर रवाना हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों का व्यापक विकास हो रहा है। केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक, श्रीराम जन्मभूमि और बद्रीनाथ मास्टर प्लान जैसी परियोजनाओं ने भारत की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान दी है। मुख्यमंत्री ने हरिद्वार में प्रस्तावित गंगा कॉरिडोर और शारदा कॉरिडोर का भी उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए यात्रा मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन निगरानी, एंबुलेंस, स्वास्थ्य शिविर और आपातकालीन सहायता की व्यापक व्यवस्था की गई है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अनुशासन और मर्यादा बनाए रखने की अपील की।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा के सफल संचालन में योगदान देने वाले पांच पुलिसकर्मियों और पांच पर्यावरण मित्रों को सम्मानित किया। उन्होंने पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, स्वच्छता कर्मियों, स्वयंसेवी संस्थाओं और अन्य कर्मयोगियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि सभी के सामूहिक प्रयासों से ही इतनी विशाल यात्रा का सफल संचालन संभव हो पाया है।
इस अवसर पर संत-महात्माओं, जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में शिवभक्त कांवड़िए उपस्थित रहे।
