बदरीनाथ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को श्री बदरीनाथ धाम पहुंचकर भगवान बदरीविशाल के दर्शन एवं विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री ने बदरीनाथ मास्टर प्लान के तहत चल रहे विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया।





मुख्यमंत्री ने आस्था पथ समेत निर्माणाधीन कार्यों की प्रगति का जायजा लेते हुए अधिकारियों से कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं। साथ ही निर्माण कार्यों के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और धाम की धार्मिक, आध्यात्मिक एवं पारंपरिक गरिमा का विशेष ध्यान रखने को कहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में श्री बदरीनाथ धाम को उसके धार्मिक एवं पौराणिक महत्व के अनुरूप भव्य, दिव्य और सुव्यवस्थित स्वरूप देने की दिशा में तेजी से कार्य हो रहा है। मास्टर प्लान के तहत विकसित की जा रही सुविधाओं से देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के साथ बदरीनाथ धाम की पारंपरिक पहचान, प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक स्वरूप का संरक्षण भी प्राथमिकता में रखा जाना चाहिए।
कथा महोत्सव में उमड़ा संतों और श्रद्धालुओं का सैलाब
इसके बाद मुख्यमंत्री ने श्री स्वामीनारायण गुरुकुल राजकोट संस्थान के तत्वावधान में आयोजित ‘बदरीनाथ धाम कथा महोत्सव’ में प्रतिभाग किया। महोत्सव में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए 150 से अधिक संत-साध्वी और 1200 से अधिक हरिभक्त शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री बदरीनाथ धाम आना अपने आप में विशिष्ट आध्यात्मिक अनुभूति है। भगवान बदरीविशाल की कृपा और आशीर्वाद से संतों एवं श्रद्धालुओं के बीच आयोजित कथा महोत्सव में शामिल होना उनके लिए सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कहा कि बदरीनाथ धाम भारत की सनातन चेतना और आध्यात्मिक विरासत का प्रमुख केंद्र है और यह भूमि सदियों से तप, साधना एवं आध्यात्मिक चेतना का केंद्र रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड के धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थलों के विकास के साथ उनकी सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को संरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध है। चारधाम, गंगा-यमुना, हिमालय और हेमकुंड साहिब सहित प्रदेश के प्रमुख तीर्थस्थल देवभूमि की विशिष्ट पहचान हैं। सरकार का प्रयास है कि इन तीर्थस्थलों का विकास श्रद्धालुओं की सुविधाओं के अनुरूप हो और उनकी आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक गरिमा भी अक्षुण्ण रहे।
उन्होंने कहा कि संत समाज का आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन समाज और राष्ट्र के लिए सदैव प्रेरणादायी रहा है। ऐसे आध्यात्मिक आयोजनों से सनातन परंपराओं, संस्कृति और जीवन मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान मिलता है।
महोत्सव में श्री स्वामीनारायण गुरुकुल राजकोट संस्थान के पूज्यपाद महंत स्वामी श्री देवप्रसाददास जी स्वामी, पूज्यपाद सद्गुरुवर्य धर्मवल्लभदास जी स्वामी सहित बड़ी संख्या में संत एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। इस अवसर पर राज्य मंत्री श्री हरक सिंह, श्री माधव प्रसाद सेमवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री गजपाल सिंह बर्त्वाल, जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष श्री गजेन्द्र सिंह रावत, भाजपा जिला महामंत्री श्री विनोद कनवासी, श्री अरुण मैठाणी, जिलाधिकारी श्री गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक श्री सुरजीत सिंह पंवार सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं श्रद्धालु मौजूद रहे।
