देहरादून। बारिश के बीच उत्तराखंड में सांपों और अन्य वन्यजीवों के रिहायशी इलाकों में पहुंचने की घटनाएं बढ़ी हैं। देहरादून वन प्रभाग के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जनवरी से 13 सितंबर 2026 तक 542 सांपों का रेस्क्यू किया गया। इनमें 112 जहरीले सांप शामिल हैं। वहीं हरिद्वार में करीब 16 फीट लंबा अजगर 40 फीट ऊंचे पेड़ पर चढ़ गया। वन विभाग की टीम ने करीब छह घंटे की मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित रेस्क्यू किया।
देहरादून में रेस्क्यू किए गए सांपों में 230 रैट स्नेक, 109 वाटर स्नेक, 59 ट्रिंकेट स्नेक, 18 बफ स्ट्राइप्ड कीलबैक, आठ पायथन और चार कैट स्नेक शामिल हैं। जहरीली प्रजातियों में 62 कोबरा, 41 कॉमन करैत, छह सिंध करैत, दो रसेल वाइपर और एक किंग कोबरा रेस्क्यू किया गया। उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर कुल रेस्क्यू में जहरीले सांपों की हिस्सेदारी करीब 21 फीसदी है।
वन विभाग के अनुसार देहरादून के शहर से लगे बाहरी और जंगल से सटे क्षेत्रों में जहरीले सांपों की मौजूदगी के मामले अधिक सामने आए हैं। बालावाला, मोथरोवाला, बढ़ोवाला, नथुवाला और एफआरआई के पीछे के इलाकों समेत कई स्थानों पर आबादी और प्राकृतिक आवास के बीच दूरी लगातार कम हो रही है। निर्माण गतिविधियों के विस्तार से इंसानों और वन्यजीवों के बीच संपर्क बढ़ने की संभावना भी बनी रहती है।
डीएफओ देहरादून वैभव कुमार सिंह के मुताबिक रेस्क्यू के आंकड़ों में बाहरी क्षेत्रों में जहरीले सांपों की मौजूदगी के मामले अधिक दिखाई देते हैं, जबकि शहर के मुख्य हिस्सों में गैर-जहरीले सांपों के रेस्क्यू अधिक हैं। हालांकि इसका अर्थ यह नहीं है कि जहरीले सांप केवल बाहरी इलाकों तक सीमित हैं।
वन विभाग के कर्मचारियों के अनुसार बारिश के दौरान सांपों के बिल और छिपने के स्थानों में पानी भरने से वे सुरक्षित जगह की तलाश में बाहर निकल सकते हैं। इसी दौरान चूहे और मेंढक जैसे उनके शिकार भी अपने ठिकानों से निकलते हैं। शिकार की तलाश में सांप आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंच सकते हैं।
जंगल, नदी-नालों और प्राकृतिक क्षेत्रों के आसपास तेजी से विकसित हो रही बस्तियां भी मानव-वन्यजीव संपर्क बढ़ाने का एक कारण बन सकती हैं। ऐसे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
वन विभाग ने लोगों से सांप दिखने पर उसे पकड़ने या मारने की कोशिश नहीं करने की अपील की है। ऐसी स्थिति में वन विभाग को सूचना देना सुरक्षित विकल्प है। इसके लिए टोल फ्री नंबर 1926 पर संपर्क किया जा सकता है। विशेषकर जंगल और नदी-नालों के आसपास तथा कच्चे मकानों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
हरिद्वार में शनिवार को निर्मल बाग कॉलोनी के पास करीब 16 फीट लंबे अजगर ने लोगों को हैरान कर दिया। सुबह करीब 10 बजे लोगों ने अजगर को दीवार पर रेंगते देखा। कुछ ही देर में वह दीवार के सहारे करीब 40 फीट ऊंचे पेड़ पर चढ़ गया। पेड़ पर विशाल अजगर को देखकर मौके पर भीड़ जुट गई।
सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और लोगों को घटनास्थल से दूर किया। पेड़ की ऊंचाई अधिक होने के कारण रेस्क्यू चुनौतीपूर्ण रहा। टीम ने सावधानीपूर्वक अभियान चलाते हुए पेड़ की कई डालियां काटीं और करीब छह घंटे की मशक्कत के बाद शाम लगभग चार बजे अजगर को सुरक्षित पकड़ लिया। इसके बाद उसे सुरक्षित स्थान पर छोड़ने की कार्रवाई की गई।
रेंज अधिकारी शीशपाल सिंह के अनुसार अजगर काफी लंबा था। सुबह सूचना मिलने के बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर लगातार प्रयास किए और उसे सुरक्षित रेस्क्यू किया। अभियान के दौरान आसपास मौजूद लोगों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी गई।
बरसात में बढ़ी सतर्कता की जरूरत: देहरादून में जहरीले सांपों के रेस्क्यू के आंकड़े और हरिद्वार में विशाल अजगर की घटना बारिश के दौरान मानव आबादी और वन्यजीवों के बीच बढ़ते संपर्क की ओर संकेत करती है। ऐसे में सांप या अन्य वन्यजीव दिखाई देने पर दूरी बनाए रखना और वन विभाग को सूचना देना अधिक सुरक्षित है।
बारिश में बढ़ा सांपों का मूवमेंट, देहरादून में 112 जहरीले सांप रेस्क्यू
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