देहरादून। सरकारी विद्यालयों में शारीरिक शिक्षकों की नियुक्ति समेत विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे शारीरिक शिक्षा प्रशिक्षित बेरोजगार रविवार को मुख्यमंत्री आवास पहुंचे। प्रदेश अध्यक्ष जगदीश चंद्र पांडेय के नेतृत्व में पहुंचे बेरोजगारों ने सरकार से मांगों पर जल्द ठोस निर्णय लेने की अपील की। इस दौरान संगठन को सोमवार को मुख्यमंत्री से वार्ता का आश्वासन मिला।
शारीरिक शिक्षा प्रशिक्षित बेरोजगार संगठन के अनुसार, शिक्षा निदेशालय ननूरखेड़ा में उनका अनिश्चितकालीन धरना 109वें दिन भी जारी है, जबकि 94 दिनों से क्रमिक अनशन किया जा रहा है। संगठन का कहना है कि लंबे समय से आंदोलन के बावजूद मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।
प्रदेश अध्यक्ष जगदीश चंद्र पांडेय ने कहा कि सरकारी विद्यालयों में शारीरिक शिक्षकों की कमी का सीधा असर विद्यार्थियों को मिलने वाली खेल एवं शारीरिक शिक्षा पर पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से प्रशिक्षित बेरोजगारों की मांगों पर जल्द निर्णय लेने की मांग की।
संगठन की प्रमुख मांगों में नई शिक्षा नीति के अनुरूप प्राथमिक से इंटरमीडिएट स्तर तक प्रत्येक सरकारी विद्यालय में शारीरिक शिक्षक की नियुक्ति, उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शारीरिक शिक्षकों की नियुक्ति से संबंधित फाइल को कैबिनेट से मंजूरी दिलाना तथा राजकीय इंटर कॉलेजों में व्यायाम प्रवक्ता के पद सृजित करना शामिल है। इसके अलावा वर्ष 2006 से नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे प्रशिक्षित बेरोजगारों को आयु सीमा में छूट देने की मांग भी की गई है।
बेरोजगारों ने कहा कि लंबे समय से नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे प्रशिक्षित युवाओं के लिए उम्र सीमा भी बड़ी चुनौती बनती जा रही
है। ऐसे में सरकार को वार्ता के माध्यम से सभी बिंदुओं का समाधान निकालना चाहिए। मुख्यमंत्री से प्रस्तावित वार्ता में संगठन अपनी मांगों को प्रमुखता से रखेगा।
धरने और आंदोलन में मातवर भारती, शोभा राम जोशी, महेश नेगी, भुवनेश बिष्ट, अनिल राज, संजय कोरंगा, गिरीश मिश्रा, विपिन भंडारी, अर्जुन लिंगवाल, हरबंस चौहान और सुमन नेगी समेत कई प्रशिक्षित बेरोजगार शामिल रहे।
