Hamarichoupal,07,08,2026
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में जनकल्याण, रोजगार, शिक्षा, श्रमिक हित, खेल, पर्यटन, पेयजल और आधारभूत ढांचे से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई गई। कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी महानिदेशक सूचना एवं अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान दी।
सामान्य वर्ग के पशुपालकों को भी मिलेगा अनुदान
कैबिनेट ने राज्य सेक्टर की गौ पालन योजना का दायरा बढ़ाते हुए सामान्य वर्ग के पशुपालकों को भी इसमें शामिल कर लिया है। अब लाभार्थी गाय के साथ भैंस खरीदने का विकल्प भी चुन सकेंगे। पशु की यूनिट कॉस्ट 40 हजार से बढ़ाकर 60 हजार रुपये कर दी गई है। अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लाभार्थियों को 90 प्रतिशत तथा सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को 60 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी। पहले वर्ष में करीब 2128 पशुपालकों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।
मजदूरी संहिता नियमावली-2026 को मंजूरी
कैबिनेट ने उत्तराखंड मजदूरी संहिता नियमावली-2026 को मंजूरी दी है। इसके तहत न्यूनतम मजदूरी, ओवरटाइम का दोगुना भुगतान, हर माह की सात तारीख तक वेतन भुगतान, डिजिटल भुगतान तथा समान कार्य के लिए महिला और पुरुष को समान वेतन जैसे प्रावधान लागू होंगे।
छात्रावासों के संचालन के लिए नई नियमावली
अनुसूचित जाति एवं जनजाति के छात्र-छात्राओं के लिए समाज कल्याण विभाग के अधीन संचालित छात्रावासों की संचालन नियमावली-2026 लागू करने का निर्णय लिया गया। इससे विद्यार्थियों को बेहतर आवास, भोजन और शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की व्यवस्था मजबूत होगी।
हल्द्वानी में हाईकोर्ट परिसर के लिए 40 हेक्टेयर भूमि
हल्द्वानी के लामाचौड़ क्षेत्र में उपलब्ध 73 हेक्टेयर वन भूमि में से आवश्यकता के अनुसार करीब 40 हेक्टेयर भूमि उच्च न्यायालय परिसर के निर्माण के लिए हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दी है।
राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय में 122 पद सृजित
गौलापार, हल्द्वानी स्थित उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय के संचालन के लिए 122 नियमित पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही आवश्यक तकनीकी एवं सहायक पदों के लिए आउटसोर्स व्यवस्था को भी स्वीकृति दी गई। इससे खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं और बेहतर प्रशिक्षण मिलने की उम्मीद है।
हरिद्वार तक पहुंचेगा गंगा एक्सप्रेसवे
मेरठ से हरिद्वार तक गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तार के लिए उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकार के बीच समझौता ज्ञापन किए जाने को कैबिनेट ने मंजूरी दी। इस परियोजना से धार्मिक पर्यटन, व्यापार, औद्योगिक निवेश और रोजगार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
औद्योगिक संबंध नियमावली-2026 को हरी झंडी
औद्योगिक संबंध संहिता-2020 के तहत उत्तराखंड औद्योगिक संबंध नियमावली-2026 लागू करने का फैसला लिया गया। इसमें औद्योगिक विवादों के समयबद्ध निस्तारण, ट्रेड यूनियनों की मान्यता, शिकायत निवारण समितियों, हड़ताल एवं तालाबंदी की प्रक्रिया तथा श्रमिक री-स्किलिंग फंड जैसे प्रावधान शामिल हैं।
ईको टूरिज्म और पेयजल योजनाओं पर भी जोर
ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति की संरचना में संशोधन किया गया है। पर्यावरण संरक्षण, जड़ी-बूटी प्रबंधन, कूड़ा नियंत्रण और स्थानीय समुदायों की भागीदारी पर जोर दिया जाएगा। वहीं जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण पेयजल योजनाओं को ग्राम पंचायतों और ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों को हस्तांतरित करने के लिए केंद्र सरकार का निर्धारित प्रोटोकॉल लागू करने का निर्णय लिया गया।
इसके अलावा जीएसटी अधिनियम में संशोधन अध्यादेश, वन विकास निगम में स्केलर भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने, बंगाली अनुसूचित जाति सहायता कोष संचालन समिति में संशोधन तथा सहकारी समिति नियमावली से भेदभावपूर्ण प्रावधान हटाने सहित कई अन्य फैसले भी लिए गए।
सरकार का कहना है कि कैबिनेट के इन फैसलों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था, रोजगार, श्रमिक हित, शिक्षा, खेल, पर्यटन, पेयजल और औद्योगिक विकास को गति मिलेगी तथा प्रदेश में समावेशी विकास को नई दिशा मिलेगी।
