अनुराग गुप्ता
(आईएसबीटी) को आधुनिक और सुविधायुक्त स्वरूप देने की कवायद तेज हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की ओर से आईएसबीटी के सुदृढ़ीकरण और उच्चीकरण का कार्य कराया जा रहा है। करीब 10 एकड़ क्षेत्र में फैले आईएसबीटी के कायाकल्प पर लगभग 27.50 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं और निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच गया है।
परियोजना के तहत आईएसबीटी को केवल बस संचालन केंद्र के बजाय आधुनिक ट्रांजिट हब के रूप में विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा, स्वच्छता और बेहतर यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए परिसर में कई सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
प्लेटफॉर्म से प्रतीक्षालय तक होगा सुधार
आईएसबीटी के प्लेटफॉर्म के फर्श को बदला जा रहा है। इसके साथ ही आधुनिक सार्वजनिक शौचालय, बेहतर प्रतीक्षालय, डोरमेट्री और पेयजल जैसी सुविधाओं को विकसित किया जा रहा है। परिसर में लैंडस्केपिंग और ऊर्जा दक्ष विद्युत व्यवस्था के साथ वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग यात्रियों के लिए सुविधाओं के विस्तार पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
आईएसबीटी से उत्तराखंड के विभिन्न जिलों के साथ ही दूसरे राज्यों के लिए बड़ी संख्या में बसों का संचालन होता है। ऐसे में रोजाना बड़ी संख्या में यहां पहुंचने वाले यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना परियोजना का प्रमुख उद्देश्य है।
सचिव ने मौके पर पहुंचकर परखी प्रगति
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने अधिकारियों के साथ आईएसबीटी पहुंचकर निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माणाधीन और प्रस्तावित कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और निर्माण गति की जानकारी ली। अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा करने के साथ ही निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता न करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों के दौरान यात्रियों की आवाजाही और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि विकास कार्यों के कारण आम यात्रियों को अनावश्यक परेशानी न हो।
मॉल और दुकानों को भी मिलेगा नया स्वरूप
आईएसबीटी परिसर में स्थित मॉल को भी आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। वर्तमान में यहां फिल्मों का प्रदर्शन हो रहा है, जबकि शॉपिंग मॉल और अन्य दुकानों के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है। इससे आईएसबीटी परिसर को बहुउद्देश्यीय स्वरूप देने की दिशा में भी काम आगे बढ़ रहा है।
लगभग 10 एकड़ में फैले आईएसबीटी को भविष्य में प्रतिदिन करीब दो हजार से अधिक बसों की क्षमता को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। बढ़ती आबादी और परिवहन की जरूरतों के बीच आईएसबीटी का सुदृढ़ीकरण शहर की यातायात व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कैब बूथ से ई-चार्जिंग तक बढ़ेंगी सुविधाएं
कायाकल्प योजना के तहत यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए परिसर में कैब सेवाओं के लिए ओला-उबर बूथ निर्धारित किए जा रहे हैं। वहीं ई-वाहनों को बढ़ावा देने के लिए ई-चार्जिंग सुविधाओं के विस्तार की दिशा में भी कदम उठाए गए हैं।
एमडीडीए की ओर से आईएसबीटी परिसर में कियोस्कों को पारंपरिक पहाड़ी शैली में विकसित करने की पहल की गई है। इससे परिसर में उत्तराखंड की स्थानीय वास्तुशैली की झलक भी दिखाई देगी। जलभराव की समस्या के समाधान और परिसर की समग्र व्यवस्थाओं को बेहतर करने पर भी काम किया गया है।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप देहरादून के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों और यातायात केंद्रों को आधुनिक स्वरूप देने का काम किया जा रहा है। आईएसबीटी शहर का महत्वपूर्ण परिवहन केंद्र है, इसलिए इसके सुदृढ़ीकरण और उच्चीकरण को प्राथमिकता दी गई है। प्रयास है कि यात्रियों को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध हो तथा निर्माण कार्य गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरे किए जाएं।
