हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को पतंजलि वेलनेस योगग्राम, ग्राम औरंगाबाद में प्रथम पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने योगगुरु स्वामी रामदेव, आचार्य बालकृष्ण और समस्त पतंजलि परिवार को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गुरुकुलम् भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक शिक्षा और विज्ञान से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हरिद्वार आस्था, संस्कृति और सनातन परंपरा का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में देवभूमि में पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् की शुरुआत भारत की गौरवशाली ज्ञान परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि भारतीय गुरुकुल परंपरा सदियों से ज्ञान, संस्कार, अनुशासन और चरित्र निर्माण का आधार रही है। शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों को जीवन मूल्यों और समाज के प्रति उत्तरदायित्व का बोध भी कराना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि गुरुकुलम् में आधुनिक विज्ञान एवं तकनीक के साथ योग, आयुर्वेद, भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों का समन्वय किया जाएगा। इससे विद्यार्थी अपनी जड़ों से जुड़े रहने के साथ भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए भी तैयार होंगे।
आधुनिकता और परंपरा एक-दूसरे की पूरक : धामी
मुख्यमंत्री ने कहा कि तेजी से बदलती दुनिया में गुरुकुल शिक्षा की प्रासंगिकता और बढ़ी है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में भी कौशल, नवाचार, भारतीय ज्ञान परंपरा और विद्यार्थियों के समग्र विकास पर जोर दिया गया है। उत्तराखंड में भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आधुनिकता और परंपरा एक-दूसरे की विरोधी नहीं, बल्कि पूरक हैं। भारतीय ज्ञान परंपरा, दर्शन और संस्कृति के अध्ययन एवं शोध को बढ़ावा देने के लिए दून विश्वविद्यालय में हिंदू अध्ययन केंद्र स्थापित किया गया है।
विज्ञान, शोध और नवाचार पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में विज्ञान, शोध और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। देहरादून में देश की पांचवीं साइंस सिटी विकसित की जा रही है। इसके साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में साइंस एवं इनोवेशन सेंटर विकसित किए जा रहे हैं। युवाओं को स्टार्टअप, इनोवेशन और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप कौशल से जोड़ने पर भी सरकार का विशेष ध्यान है।
उन्होंने कहा कि सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। मुख्यमंत्री के अनुसार पिछले करीब पांच वर्षों में लगभग 35 हजार युवाओं को सरकारी सेवाओं में रोजगार के अवसर मिले हैं।
ज्ञान, योग और आयुर्वेद का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में कदम
धामी ने कहा कि उत्तराखंड को पर्यटन के साथ-साथ ज्ञान, योग, आयुर्वेद और अध्यात्म के प्रमुख वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में सरकार काम कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् आने वाले समय में देश-विदेश के विद्यार्थियों के लिए योग, आयुर्वेद, विज्ञान और भारतीय ज्ञान परंपरा के अध्ययन का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, विधायक आदेश चौहान, विधायक रवि बहादुर, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, अधिकारी, संस्थान के छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् बनेगा भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक शिक्षा के समन्वय का केंद्र : धामी
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