देहरादून। यूएन वूमेन द्वारा आयोजित दो दिवसीय ‘शी लीड्स उत्तराखंड’ कार्यशाला में डॉ. सुनीता विद्यार्थी ने ‘शी लीड्स’ एलुमिनाई के रूप में वक्ता के तौर पर प्रतिभाग किया। उत्तराखंड में इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन हो, इसके लिए अपने विशेष आग्रह पर कार्यक्रम का शेड्यूल तय किए जाने पर उन्होंने यूएन वूमेन की टीम का आभार व्यक्त किया।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए डॉ. सुनीता विद्यार्थी ने कहा कि महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व मांगने के बजाय स्वयं को मजबूत राजनीतिक विकल्प के रूप में तैयार करना होगा। जब तक महिलाएं खुद आगे आकर अपनी राजनीतिक क्षमता और नेतृत्व को साबित नहीं करेंगी, तब तक उन्हें स्वतः पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिलने की उम्मीद नहीं की जा सकती।
उन्होंने राजनीतिक क्षेत्र में ‘पिक एंड चूज़’ और ‘सिलेक्टिव एंपावरमेंट’ की प्रवृत्ति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसी एक चेहरे को आगे कर महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण का प्रतीकात्मक प्रदर्शन करने से वास्तविक बदलाव नहीं आएगा। जरूरत इस बात की है कि महिलाओं को जमीनी स्तर से तैयार कर उन्हें वास्तविक चुनावी अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
डॉ. विद्यार्थी ने कहा कि राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों की जिम्मेदारी है कि वे महिलाओं को केवल मंच और प्रतीकात्मक भूमिका तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें चुनाव लड़ने, नेतृत्व करने और निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी के वास्तविक अवसर दें।
53 महिलाओं को कार्यक्रम से जोड़ना बनी खास पहल
कार्यशाला की सबसे उल्लेखनीय बात यह रही कि डॉ. सुनीता विद्यार्थी ने विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़ी 53 महिलाओं को इस कार्यक्रम का लाभ लेने के लिए अनुशंसित (Recommend) किया। उनके इस प्रयास ने कार्यक्रम को किसी एक राजनीतिक विचारधारा या दल तक सीमित रखने के बजाय व्यापक महिला राजनीतिक भागीदारी का स्वरूप दिया।
कार्यशाला में विभिन्न राजनीतिक दलों एवं स्थानीय निकायों से जुड़ी महिला जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। इनमें ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष और पूर्व नगर निगम मेयर सहित विभिन्न स्तरों की महिला प्रतिनिधि शामिल रहीं।
डॉ. सुनीता विद्यार्थी ने कहा कि महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण के लिए दलगत सीमाओं से ऊपर उठकर साझा मंच और अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है। महिला नेतृत्व को मजबूत करने के लिए महिलाओं को एक-दूसरे का सहयोगी बनना होगा।
दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में महिलाओं को कौशल विकास (Skill Enhancement), चुनावी प्रक्रिया, चुनाव से जुड़ी बारीकियों और आवश्यक सावधानियों के संबंध में मार्गदर्शन दिया गया।
इस अवसर पर डॉ. सुनीता विद्यार्थी ने प्रशिक्षण और आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए श्रीमती कांता सिंह, काव्या, श्री हमराज सिंह तथा यूएन वूमेन की पूरी टीम का आभार व्यक्त किया।
53 महिलाओं को अलग-अलग राजनीतिक दलों से जोड़कर एक मंच तक लाने की पहल को डॉ. सुनीता विद्यार्थी की राजनीतिक समावेशिता और महिला नेतृत्व को लेकर उनकी व्यापक सोच के रूप में देखा जा रहा है।
‘महिलाएं खुद को राजनीतिक विकल्प बनाएं, तभी मिलेगा वास्तविक प्रतिनिधित्व’ : डॉ. सुनीता विद्यार्थी
यूएन वूमेन की ‘शी लीड्स उत्तराखंड’ कार्यशाला में राजनीतिक सशक्तिकरण और चुनावी चुनौतियों पर बेबाक राय
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