हरिद्वार(आरएनएस)। दुर्गा अष्टमी और रामनवमी पर राजाजी टाइगर रिजर्व के घने जंगल में स्थित मां सुरेश्वरी देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। हरिद्वार से करीब आठ किलोमीटर दूर सूरकूट पर्वत की ऊंची पहाड़ी पर स्थित सिद्धपीठ में सुबह से ही भक्तों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। श्रद्धालुओं ने मां भगवती के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। नवरात्र के चलते मंदिर में दिनभर रौनक बनी रही।
मां सुरेश्वरी देवी मंदिर घने जंगल के बीच स्थित होने के कारण अपनी अलग पहचान रखता है। सामान्य दिनों में भी यहां श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं, लेकिन नवरात्र में भक्तों की संख्या बढ़ जाती है। दुर्गा अष्टमी और रामनवमी पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। जंगल के रास्ते और पहाड़ी क्षेत्र से गुजरकर भक्त मां के दरबार में पहुंचे और मत्था टेककर आशीर्वाद लिया।
मंदिर के पुजारी कीर्ति महाराज के अनुसार, स्कंद पुराण के केदारखंड में भी इस प्राचीन मंदिर का उल्लेख मिलता है। धार्मिक मान्यता है कि प्राचीन काल में देवताओं के राजा इंद्र ने सूरकूट पर्वत पर मां भगवती की तपस्या की थी। मां ने प्रसन्न होकर उन्हें दर्शन दिए और असुरों से मुक्ति दिलाई। देवताओं को संकट से उबारने के कारण मां भगवती यहां सुरेश्वरी देवी के नाम से पूजी जाने लगीं। श्रद्धालुओं की मान्यता है कि मां के दरबार में सच्चे मन से मांगी गई मुराद पूरी होती है।
जंगल के रास्ते मंदिर पहुंचते हैं भक्त
राजाजी टाइगर रिजर्व के जंगल में गुलदार और हाथियों समेत कई वन्यजीवों की मौजूदगी रहती है। इसके बावजूद मां के दर्शन के लिए श्रद्धालु जंगल के रास्ते से होकर मंदिर पहुंचते हैं। बरसात के दिनों में मंदिर मार्ग पर बहने वाली बरसाती नदी में पानी बढ़ने से आवाजाही जोखिमभरी हो जाती है। इस दौरान एहतियातन वन प्रशासन मंदिर जाने पर रोक लगा देता है। बरसात समाप्त होने और रास्ता सुरक्षित होने के बाद श्रद्धालुओं की आवाजाही फिर शुरू हो जाती है।
हरिद्वार : मां सुरेश्वरी देवी के दरबार में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
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