हरिद्वार, 30 जुलाई। संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती के अवसर पर हरिद्वार जनपद के भगवानपुर स्थित चुड़ियाला में आयोजित कलश बंधन महारैली के साथ समरसता संकल्प अभियान का शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संत रविदास मंदिर में पूजा-अर्चना कर कलश यात्रा का शुभारंभ किया और स्वयं सिर पर कलश रखकर यात्रा में शामिल हुए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में कलश शुभता, समृद्धि और नए संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि संत रविदास का जीवन समरसता, समानता और मानवता का संदेश देता है तथा व्यक्ति की महानता उसके जन्म से नहीं, बल्कि उसके श्रेष्ठ कर्मों और मानव सेवा से तय होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र पर कार्य कर रही है। उज्ज्वला, आयुष्मान भारत, जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत मिशन और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा रहा है।
उन्होंने भगवानपुर क्षेत्र में कराए गए विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। बहादुरपुर-सोनाली क्षेत्र में बाढ़ सुरक्षा कार्य, झील सौंदर्यीकरण, आधुनिक विद्यालय निर्माण, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट, नवीन तहसील भवन तथा सड़क और हाईमास्ट लाइट जैसी अनेक विकास परियोजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने इन्हें क्षेत्र के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
कैबिनेट मंत्री खजान दास ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संत रविदास जी के विचारों और संदेश को देशभर में कलश यात्राओं के माध्यम से पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में शुरू हुआ समरसता संकल्प अभियान सामाजिक सद्भाव को मजबूत करेगा।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी भाजपा जिलाध्यक्षों को कलश प्रदान कर अभियान को पूरे उत्तराखंड में संचालित करने की जिम्मेदारी सौंपी। इस अवसर पर कई संत-महात्मा, जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी, वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
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