रुड़की(आरएनएस)। बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक विजयदशमी का पर्व मंगलवार को लक्सर और आसपास के क्षेत्रों में धूमधाम से मनाया जाएगा। पर्व को लेकर लोगों में उत्साह है। कस्बे में रावण दहन के साथ मेले का आयोजन भी किया जाएगा। वहीं, घरों और मंदिरों में श्रद्धालु भगवान श्रीराम, मां दुर्गा और अन्य देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना करेंगे। विजयदशमी को लेकर धार्मिक मान्यता है कि इसी दिन भगवान श्रीराम ने रावण का वध कर अधर्म पर धर्म की विजय स्थापित की थी। इस दिन शस्त्र पूजन, शमी वृक्ष की पूजा और नए कार्यों की शुरुआत करना भी शुभ माना जाता है। क्षेत्र के मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने और पूजा-पाठ करने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। रावण दहन देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है।
दोपहर में पूजा का शुभ मुहूर्त
ज्योतिषाचार्य पंडित संदीप भारद्वाज शास्त्री के अनुसार, विजयदशमी का पर्व धर्म की विजय और सकारात्मक संकल्पों का प्रतीक है। इस दिन भगवान श्रीराम की पूजा करने, शमी वृक्ष के दर्शन करने और जरूरतमंदों को दान देने का विशेष महत्व है। श्रद्धालुओं को शुभ मुहूर्त में विधि-विधान से पूजा-अर्चना करनी चाहिए। ज्योतिषाचार्य पंडित जगदीश शर्मा के अनुसार, विजयदशमी पर अपराह्न काल में पूजा करना शुभ माना जाता है। इस दिन शमी पूजन और मां अपराजिता की आराधना की परंपरा भी है। पर्व का संदेश है कि व्यक्ति को अहंकार और बुराइयों का त्याग कर सत्य तथा धर्म के मार्ग पर चलना चाहिए। पूजा का शुभ समय: मंगलवार, 20 अक्टूबर को विजय मुहूर्त दोपहर 1:51 बजे से 2:37 बजे तक रहेगा। इस दौरान शमी पूजन और विजयदशमी से जुड़े धार्मिक अनुष्ठान किए जा सकते हैं।
शुभ मुहूर्त में आज मनेगा विजयदशमी का पर्व, लक्सर में होगा रावण दहन
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