चम्पावत/टनकपुर। उत्तराखंड को देश की ‘खेलभूमि’ के रूप में स्थापित करने के संकल्प के साथ मंगलवार को चम्पावत के स्व. कैलाश चन्द्र गहतोड़ी स्पोर्ट्स स्टेडियम, टनकपुर में ‘खेल महाकुम्भ-मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी-2026’ का भव्य शुभारम्भ हुआ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्कृष्ट खिलाड़ी गहना महर को मशाल सौंपकर प्रतियोगिता का आगाज किया। इस दौरान खिलाड़ियों ने अनुशासन, निष्पक्षता और खेल भावना के साथ प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने की शपथ ली।



मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल महाकुम्भ अब गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का मजबूत मंच बन चुका है। सरकार का प्रयास है कि संसाधनों और उचित मंच के अभाव में उत्तराखंड की कोई प्रतिभा पीछे न छूटे।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में शुरू हुआ खेल महाकुम्भ अब अपने दसवें संस्करण में पहुंच गया है। पिछले वर्ष 2.20 लाख से अधिक खिलाड़ियों ने इसमें प्रतिभाग किया था। इस वर्ष प्रतियोगिताओं का दायरा और व्यापक किया गया है। न्याय पंचायत स्तर से लेकर विधानसभा, संसदीय और राज्य स्तर तक खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा।
11 करोड़ की पुरस्कार राशि, सीधे खातों में पहुंचेगी
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष न्याय पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक विजेता खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार दिए जाएंगे। करीब 11 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे खिलाड़ियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। इसके अलावा खेल महाकुम्भ की राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी सेवाओं में 4 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह व्यवस्था खिलाड़ियों की मेहनत, प्रतिभा और सपनों को सम्मान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
29 खिलाड़ियों को मिल चुकी आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी
धामी ने कहा कि नई खेल नीति के तहत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी दी जा रही है। अब तक 29 खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में नियुक्ति दी जा चुकी है। 38वें राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को भी विभिन्न विभागों में सेवायोजित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के तहत 8 से 14 वर्ष के बच्चों को मासिक छात्रवृत्ति और 14 से 23 वर्ष के खिलाड़ियों को मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना के माध्यम से छात्रवृत्ति के साथ खेल उपकरणों के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है।
न्याय पंचायत से राज्य स्तर तक होगा मुकाबला
खेल महाकुम्भ-2026 के तहत 1 से 10 सितंबर तक न्याय पंचायत स्तर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि खेलकूद प्रतियोगिताएं होंगी। 11 से 20 सितंबर तक विधायक चैम्पियनशिप ट्रॉफी, 21 से 30 सितंबर तक सांसद चैम्पियनशिप ट्रॉफी और 10 से 30 अक्टूबर तक राज्य स्तरीय मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी आयोजित की जाएगी।
प्रतियोगिताओं में विभिन्न आयु वर्ग के बालक-बालिकाओं के साथ महिला ओपन तथा दिव्यांगजन महिला-पुरुष वर्ग के खिलाड़ियों को भी प्रतिभाग का अवसर मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘एक जनपद-एक खेल’ की अवधारणा के माध्यम से प्रत्येक जिले की विशिष्ट खेल पहचान विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य आधुनिक खेल आधारभूत ढांचा तैयार करने के साथ खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, संसाधन और बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि न्याय पंचायत स्तर की प्रतियोगिताएं खिलाड़ियों के खेल जीवन की पहली महत्वपूर्ण सीढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा रही है, ताकि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रदर्शन के आधार पर आगे बढ़ने का अवसर मिले।
इस अवसर पर विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित कुमार सिन्हा, निदेशक खेल दीप्ति सिंह, जिलाधिकारी मनीष कुमार, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविन्द सामन्त, जिला पंचायत अध्यक्ष आनन्द सिंह अधिकारी सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, प्रशिक्षक, छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में खिलाड़ी मौजूद रहे।
