कालसी, 3 अगस्त।
यमुना आरती बहुउद्देशीय समिति हरिपुर की ओर से हरी घाट, कालसी में आयोजित बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अब प्रत्येक रविवार को हरी घाट पर मां यमुना की सामूहिक आरती आयोजित की जाएगी। बैठक में हरिपुर में ही मां यमुना की प्रतिमा स्थापित किए जाने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।
समिति के अध्यक्ष सुरेश रावत ने कहा कि लोक पंचायत समिति द्वारा मां यमुना की प्रतिमा स्थापना की पहल का समिति स्वागत करती है। उन्होंने कहा कि हरिपुर का विकास ही समिति की प्राथमिकता है और विकास कार्यों का विरोध करने वालों को जनता उचित जवाब देगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने हरिपुर के घाटों का निर्माण कराया है और यदि मां यमुना की प्रतिमा हरिपुर में स्थापित होती है तो क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान और मजबूत होगी। साथ ही उन्होंने श्याम सेतु के मुद्दे पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो लोग सेतु निर्माण की बात कर रहे हैं, वे इसकी समयसीमा भी स्पष्ट करें। उन्होंने आशंका जताई कि यदि निर्णय में देरी हुई तो प्रतिमा कहीं अन्यत्र स्थापित हो सकती है, जिससे हरिपुर का नुकसान होगा।
समिति के पूर्व अध्यक्ष सुनील वर्मा ने कहा कि इससे पहले पूर्वी हरिपुर घाट पर पंचमुखी हनुमान की प्रतिमा स्थापित किए जाने का भी कुछ लोगों ने विरोध किया था, जिसके चलते प्रतिमा दूसरे स्थान पर स्थापित करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि यदि हर विकास कार्य का इसी तरह विरोध किया जाएगा तो इससे हरिपुर के विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
बैठक में समिति के उपाध्यक्ष पुरनचंद, पूर्व अध्यक्ष सुनील वर्मा, सूरत सिंह भंडारी, शेन सिंह राणा सहित समिति के पदाधिकारी, पूर्व पदाधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामवासी मौजूद रहे। बैठक के अंत में पंडित विजेंद्र डंगवाल के सान्निध्य में मां यमुना की आरती की गई तथा श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
हरिपुर में ही स्थापित हो मां यमुना की प्रतिमा, समिति ने उठाई मांग
अब हर रविवार होगी हरी घाट पर सामूहिक मां यमुना आरती, विकास कार्यों में बाधा डालने वालों पर साधा निशाना
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