हमारी चौपाल
देहरादून/ऋषिकेश, 6 जुलाई।
एम्स ऋषिकेश में क्लिनिकल नर्सों की शोध क्षमता विकसित करने और एविडेंस बेस्ड नर्सिंग प्रैक्टिस को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सोमवार से पांच दिवसीय कार्यशाला शुरू हुई। कार्यशाला का शुभारंभ संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने किया।
उन्होंने कहा कि साक्ष्य आधारित नर्सिंग अभ्यास से मरीजों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं। क्लिनिकल निर्णयों में शोध आधारित साक्ष्यों को शामिल करना समय की आवश्यकता है।
कार्यशाला का आयोजन नर्सिंग सर्विसेज के कंटिन्यूइंग नर्सिंग एजुकेशन (सीएनई) सेल द्वारा “रिसर्च मेथडोलॉजी: फ्रॉम प्रपोजल टू पब्लिकेशन” विषय पर किया जा रहा है। पांच दिनों तक चलने वाले इस प्रशिक्षण में अनुसंधान पद्धति और वैज्ञानिक प्रकाशन से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञ व्याख्यान और इंटरैक्टिव सत्र आयोजित किए जाएंगे।
इस अवसर पर प्रो. सौरभ वाष्र्णेय, प्रो. शैलेंद्र कुमार हांडू, डॉ. जेवियर बेंसियाल, मुख्य नर्सिंग अधिकारी डॉ. अनिता रानी कंसल, डॉ. के. राजराजेश्वरी, डॉ. संदीप कुमार सिंह, डॉ. श्रीलॉय मोहंती, डॉ. रवि कुमार सहित बड़ी संख्या में नर्सिंग अधिकारी एवं फैकल्टी सदस्य मौजूद रहे।
