देहरादून, 16 जून। मिसरा पट्टी स्थित ॐ कल्याणम वेलनेस सेंटर में आयोजित “यंग तपस्वी” प्रशिक्षण शिविर में बच्चों और युवाओं के समग्र विकास पर विशेष जोर दिया गया। शिविर का उद्देश्य नई पीढ़ी को शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाना रहा।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में तकनीकी बदलाव और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक संतुलन और सामाजिक व्यवहार के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो रही हैं। ऐसे में केवल औपचारिक शिक्षा पर्याप्त नहीं है, बल्कि जीवन मूल्यों, आत्मविश्वास, अनुशासन और आंतरिक चेतना के विकास की भी आवश्यकता है।
संस्था से जुड़े सचिन त्यागी ने बताया कि “यंग तपस्वी” कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में सामाजिक कौशल, शारीरिक क्षमता, मानसिक दृढ़ता, नेतृत्व क्षमता और आध्यात्मिक जागरूकता का विकास करना है। उन्होंने कहा कि आज की शिक्षा व्यवस्था जानकारी तो दे रही है, लेकिन जीवन जीने की कला, तनाव प्रबंधन, सकारात्मक सोच और आत्मसंवाद जैसे विषयों पर अधिक कार्य किए जाने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि ॐ कल्याणम का मूल उद्देश्य ऐसी पीढ़ी तैयार करना है जो मानसिक रूप से सजग, शारीरिक रूप से सक्षम, सामाजिक रूप से संवेदनशील और आध्यात्मिक रूप से जागृत हो। उनका मानना है कि मजबूत समाज और राष्ट्र का निर्माण भीतर से सशक्त व्यक्तियों के माध्यम से ही संभव है।
राहुल सिंह पंवार ने बताया कि यंग तपस्वी कार्यक्रम अब राष्ट्रीय स्वरूप ले चुका है। इस शिविर में देश के विभिन्न राज्यों से बच्चों ने भाग लिया, जबकि प्रशिक्षण के लिए अलग-अलग क्षेत्रों से अनुभवी प्रशिक्षक पहुंचे। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम बच्चों को उनकी आंतरिक क्षमताओं से परिचित कराने, आत्मविश्वास बढ़ाने और नेतृत्व गुण विकसित करने का अवसर प्रदान करता है।
शिविर के दौरान प्रतिभागियों को योग, ध्यान, शारीरिक प्रशिक्षण, व्यक्तित्व विकास, संवाद कला, सामूहिक नेतृत्व, आत्मअनुशासन और भावनात्मक प्रबंधन जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। आयोजकों के अनुसार इन गतिविधियों का उद्देश्य बच्चों की सुप्त क्षमताओं को जागृत कर उन्हें स्वस्थ, संतुलित और उद्देश्यपूर्ण जीवन के लिए प्रेरित करना है।
आयोजकों ने कहा कि देश का भविष्य केवल आर्थिक और तकनीकी प्रगति से नहीं, बल्कि नैतिक मूल्यों, मानसिक स्वास्थ्य, मानवीय संवेदनाओं और आत्मिक चेतना से समृद्ध नई पीढ़ी के निर्माण से सशक्त होगा। इसी सोच के साथ संचालित “यंग तपस्वी” कार्यक्रम बच्चों और युवाओं को सकारात्मक दिशा प्रदान करने का प्रयास कर रहा है।
यंग तपस्वी शिविर में बच्चों को मिला व्यक्तित्व विकास और आत्मिक जागरण का प्रशिक्षण
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