Hamarichoupal,25,04,2026
देहरादून। राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना के निर्देश पर आयोग की टीम ने जनपद के एक विद्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय के प्रभारी ऑफिशिएटिंग प्रिंसिपल, पूर्व में कार्यरत शिक्षकों और विद्यार्थियों से विस्तृत वार्ता की गई। वार्ता में यह तथ्य सामने आया कि विद्यालय का टेकओवर बिना पूर्व सूचना के किया गया, जिससे शिक्षकों और अभिभावकों में असंतोष और रोष व्याप्त है। यह भी स्पष्ट हुआ कि इस संबंध में कोई आधिकारिक आदेश या सूचना अभी तक उपलब्ध नहीं कराई गई है।
निरीक्षण के समय वार्षिक शुल्क से संबंधित नोटिस अचानक विद्यालय परिसर में चस्पा किया गया, जिससे छात्रों और अभिभावकों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई। कुछ विद्यार्थियों ने विद्यालय में अव्यवस्था के दौरान चोट लगने की बात भी बताई, जिसकी गंभीरता से जांच की जाएगी। आयोग ने संबंधित शैक्षिक प्रबंधन (DRDO Educational Management) और DAV प्रबंधन को पत्र भेजकर आयोग के समक्ष उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं, ताकि पूरे प्रकरण पर उनका पक्ष सुना जा सके।
इसके अतिरिक्त यह भी संज्ञान में आया कि बिना किसी विधिवत समझौते के पुलिस सुरक्षा की मांग की गई है। इस पर आयोग ने संबंधित प्रबंधन और पुलिस विभाग से औचित्य स्पष्ट करने हेतु स्पष्टीकरण तलब करने का निर्णय लिया है। निरीक्षण के दौरान कुछ संगठनों ने भी अपनी आपत्तियां और सुझाव आयोग के समक्ष प्रस्तुत किए, जिन्हें संज्ञान में लेकर आगे की कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
आयोग ने कहा है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच कराई जाएगी तथा बच्चों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। इस कार्रवाई का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना और विद्यार्थियों के अधिकारों की रक्षा करना है।
