चमोली (आरएनएस) । उत्तराखंड में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश और बौछारों का दौर जारी है, जबकि मैदानी इलाकों में तेज धूप के साथ उमस लोगों को परेशान कर रही है। इसी बीच शुक्रवार रात चमोली जिले के नारायणबगड़ क्षेत्र में हुई अतिवृष्टि ने मुश्किलें बढ़ा दीं। तेज बारिश के बाद बाजार क्षेत्र में भारी मात्रा में पानी और मलबा घुस गया। कई दुकानों में मलबा भरने से व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ा, वहीं सड़क किनारे खड़े वाहन भी मलबे में दब गए।
नारायणबगड़ में रात के समय अचानक हुई तेज बारिश के बाद हालात बिगड़ गए। बारिश का पानी अपने साथ मलबा लेकर बाजार की ओर आया और सड़कें देखते ही देखते कीचड़ में तब्दील हो गईं। दुकानों के भीतर पानी और मलबा पहुंचने से सामान खराब होने की आशंका है। सड़क किनारे खड़े दोपहिया वाहन भी मलबे में फंस गए।
राजधानी देहरादून में शनिवार को सुबह से ही बारिस के कारण तापमान में गिरावट रही और मौसम काफी हद तक सुहाना रहा लेकिन इससे पहले शुक्रवार को दिनभर तेज धूप रही। इसके चलते तापमान में बढ़ोतरी के साथ उमस का असर देखने को मिला। शाम होते-होते मौसम ने अचानक करवट बदली और आसमान में बादल छा गए। इसके बाद कई इलाकों में तेज बौछारें पड़ीं। बारिश से तापमान में गिरावट आई और लोगों को उमसभरी गर्मी से कुछ राहत मिली।
प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों में इन दिनों अधिकतम तापमान सामान्य से करीब तीन से पांच डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी मौसम का यही मिला-जुला स्वरूप बना रह सकता है। दिन में धूप और उमस के बाद शाम या रात के समय बारिश होने से तापमान में कुछ राहत मिलने की संभावना है।
मौसम विभाग ने प्रदेश के सभी जिलों में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश अथवा गरज के साथ बौछारों की संभावना जताई है। देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और उत्तरकाशी में कहीं-कहीं भारी बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। विभाग ने कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और बारिश के तीव्र से अति तीव्र दौर की आशंका भी जताई है। ऐसे में पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और मलबा आने की स्थिति को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
उत्तराखंड में मौसम का बदला मिजाज एक बार फिर पहाड़ों के लिए चुनौती बन रहा है। नारायणबगड़ की घटना ने अतिवृष्टि के दौरान बाजारों और आबादी वाले क्षेत्रों की संवेदनशीलता सामने ला दी है। बारिश के दौरान पहाड़ी इलाकों में अचानक आने वाले मलबे और जलभराव से स्थानीय लोगों के साथ ही यातायात भी प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।
चमोली: नारायणबगड़ में अतिवृष्टि से तबाही, बाजार में घुसा मलबा-पानी; कई वाहन दबे
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