हरिद्वार(आरएनएस)।गंगा घाट से चोरी हुई चार माह की मासूम बच्ची को हरिद्वार पुलिस ने 16 दिन बाद सकुशल बरामद कर लिया। मामले में पति-पत्नी समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जबकि एक आरोपी दीपक फरार चल रहा है। जांच में खुलासा हुआ कि तीन लाख रुपये के लालच में लड़का चोरी करने की साजिश रची गई थी, लेकिन आरोपी अंधेरे में बच्ची को उठा ले गए। एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि संभल निवासी पुष्पेंद्र 27 मई को अपने परिवार के साथ गंगा स्नान के लिए हरिद्वार आए थे। रात में परिवार हाथी पुल के समीप विष्णुघाट पर एक पेड़ के नीचे सो गया। तड़के उनकी चार माह की बेटी चोरी हो गई। सूचना पर कोतवाली नगर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विशेष टीम गठित की। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल की। जांच में एक दंपति पहले एक बच्चे और बाद में दो बच्चों के साथ बस में सवार होता दिखाई दिया। पुलिस ने बस चालक और परिचालक से पूछताछ की तथा तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पता लगाया कि संदिग्ध धामपुर होते हुए हावड़ा जाने वाली ट्रेन में सवार हुए थे। पुलिस ने धामपुर से हावड़ा के बीच पड़ने वाले 65 रेलवे स्टेशनों तक सूचना भेजकर छानबीन की, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने जांच का एंगल बदलते हुए संदिग्धों के हरिद्वार आने-जाने के रास्तों को खंगाला। सीसीटीवी फुटेज की कड़ियां जोड़ने पर पुलिस ब्रह्मपुरी क्षेत्र में झाड़-फूंक करने वाले सत्यपाल उर्फ सत्यपाल बाबा तक पहुंची। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की तो पूरे घटनाक्रम का खुलासा हो गया। उसकी निशानदेही पर लाल बहादुर पुत्र कन्हैया लाल निवासी नगरिया, थाना जसवंतनगर, जनपद इटावा (उत्तर प्रदेश) तथा उसकी पत्नी प्रीति रानी को गिरफ्तार कर लिया गया। इनके कब्जे से चार माह की मासूम बच्ची सकुशल बरामद कर ली गई। मामले में सत्यपाल पुत्र विजय सिंह निवासी ग्राम सैदाबाद, कोतवाली लक्सर, हरिद्वार, लाल बहादुर और उसकी पत्नी प्रीति रानी को गिरफ्तार किया गया है। वहीं प्रीति रानी का भाई दीपक अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
गंगा घाट से चोरी हुई चार माह की मासूम 16 दिन बाद बरामद, दंपति और बाबा गिरफ्तार
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