देहरादून। उत्तराखंड में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सहसपुर विधानसभा क्षेत्र में सामने आई आपत्तियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ने मांग की है कि मतदाताओं के खिलाफ दर्ज आपत्तियों पर आगे की कार्रवाई करने से पहले आपत्तिकर्ता के नाम, पते, मोबाइल नंबर और अन्य विवरणों की सत्यता की पुष्टि की जाए।
कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं सहसपुर विधानसभा प्रभारी संजय जैन ने कहा कि सहसपुर विधानसभा क्षेत्र में मैपिंग के बाद करीब 55 हजार नोटिस जारी किए गए हैं। मैपिंग से पहले क्षेत्र में करीब 1.82 लाख मतदाता पंजीकृत थे, जबकि मैपिंग के बाद जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में 1,61,183 मतदाताओं के नाम दर्ज हैं।
उन्होंने बताया कि 13 अगस्त 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची पर आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तिथि थी। एईआरओ के अनुसार इस दौरान 931 आपत्तियां प्राप्त हुईं। कांग्रेस का आरोप है कि इन आपत्तियों के अवलोकन में कई मामलों में नियमों और निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया तथा एक वर्ग विशेष या पार्टी विशेष के परंपरागत मतदाताओं को निशाना बनाए जाने की आशंका सामने आई है।
फॉर्म-7 की प्रक्रिया पर उठाए सवाल
संजय जैन ने कहा कि कुछ आपत्तियां निर्धारित फॉर्म-7 पर विधिवत दर्ज कराने के बजाय कंप्यूटर से तैयार प्रारूप में की गईं, जिनमें आपत्तिकर्ता का नाम हाथ से भरा गया। कई फॉर्मों में स्थान और तारीख अंकित नहीं होने तथा कुछ मामलों में आपत्तिकर्ताओं के नाम और मोबाइल नंबर संदिग्ध पाए जाने का भी कांग्रेस ने दावा किया है।
उन्होंने कहा कि ऐसी आपत्तियों की प्रथम दृष्टया जांच कर उनकी वैधता सुनिश्चित की जानी चाहिए और नियमों के विपरीत पाई जाने वाली आपत्तियों को नियमानुसार निरस्त किया जाना चाहिए।
पहले आपत्तिकर्ता की पहचान हो सुनिश्चित
कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि जिन मतदाताओं के खिलाफ आपत्तियां दर्ज की गई हैं, उनसे प्रमाण प्रस्तुत करने और सुनवाई में उपस्थित होने की अपेक्षा की जा रही है, जबकि संबंधित मतदाताओं के दस्तावेजों की जांच एसआईआर प्रक्रिया के दौरान पहले ही की जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी मतदाता के संबंध में यह दावा किया गया है कि वह अनुपस्थित है, स्थानांतरित हो गया है अथवा उसकी मृत्यु हो चुकी है, तो ऐसे दावे को प्रमाणित करने की जिम्मेदारी आपत्तिकर्ता की होनी चाहिए।
कांग्रेस ने मांग की कि फॉर्म-7 में दर्ज आपत्तिकर्ता का नाम, एपिक आईडी और मोबाइल नंबर की पहचान एवं सत्यता की पुष्टि आगामी कार्रवाई की पूर्व शर्त बनाई जाए। पहले आपत्तिकर्ता से संबंधित सभी तथ्यों की पुष्टि हो और उसके बाद ही संबंधित मतदाता से स्पष्टीकरण मांगा जाए।
कांग्रेस ने बनाई निगरानी व्यवस्था
संजय जैन ने कहा कि कांग्रेस की ओर से बीएलए-1 सुधांशु नेथानी लगातार एसआईआर प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं। जिला स्तर पर जिलाध्यक्ष तथा प्रदेश स्तर पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा नामित पूर्व विधायक मनोज रावत की अध्यक्षता वाली समिति भी पूरी प्रक्रिया पर नजर रख रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रतिनिधि समय-समय पर प्रदेश के मुख्य निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी से मुलाकात कर एसआईआर से जुड़ी आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध करा रहे हैं और प्रक्रिया के दौरान सामने आ रही विसंगतियों से भी अधिकारियों को अवगत कराया जा रहा है।
वैध मतदाता का नाम न कटे, फर्जी आपत्तियों पर हो कार्रवाई
संजय जैन ने कहा कि कांग्रेस का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी वैध मतदाता अनुचित कारण से मतदाता सूची से बाहर न हो। साथ ही गलत अथवा फर्जी तरीके से दर्ज कराई गई आपत्तियों के खिलाफ भी नियमानुसार कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि जांच में आपत्तियां फर्जी या कूटरचित पाई जाती हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम सहित लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई और मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस संविधान के प्रति पूरी निष्ठा रखती है और लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। पार्टी यह सुनिश्चित करने के लिए हर स्तर पर प्रयास करेगी कि न तो किसी वैध मतदाता का नाम गलत तरीके से हटे और न ही फर्जी आपत्तियों के माध्यम से मतदाता सूची को प्रभावित किया जा सके।
एसआईआर में फर्जी आपत्तियों पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
कांग्रेस की मांग—पहले आपत्तिकर्ता की पहचान और सत्यता जांची जाए, फिर मतदाता से मांगा जाए स्पष्टीकरण
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