देहरादून। प्रदेश की युवा पीढ़ी को उत्तराखंड के विकास और नीति निर्माण की प्रक्रिया से सीधे जोड़ने के लिए चलाए गए ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान को विद्यार्थियों का जबरदस्त समर्थन मिला है। कक्षा 11वीं और 12वीं के 2,67,744 विद्यार्थियों ने अपने विचार और विजन साझा करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को निबंध भेजे हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने 10 अगस्त को आयोजित ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम में विद्यार्थियों से 24 अगस्त तक अपने विचार पोर्टल पर अपलोड करने का आह्वान किया था। प्रदेश में कक्षा 11वीं और 12वीं में कुल 2,96,426 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इनमें से बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की भागीदारी ने अभियान की व्यापकता को सामने रखा है।
आठ प्रमुख विषयों पर रखी अपनी सोच
अभियान के तहत विद्यार्थियों ने पर्यटन, रोजगार, सामाजिक विकास, वन एवं पर्यावरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीक समेत आठ प्रमुख विषयों पर अपने सुझाव और नए विचार प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों के ये निबंध महज लेखन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि भविष्य के उत्तराखंड को लेकर नई पीढ़ी की आकांक्षाओं और सोच का दस्तावेज बनकर सामने आए हैं।
पांच जिलों में शत-प्रतिशत भागीदारी
अभियान में रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, चंपावत, ऊधमसिंह नगर और चमोली जिलों में कक्षा 11वीं और 12वीं के शत-प्रतिशत विद्यार्थियों ने निबंध पोर्टल पर अपलोड किए। वहीं पौड़ी में 98.82 प्रतिशत, अल्मोड़ा में 97.46 प्रतिशत, हरिद्वार में 91.77 प्रतिशत, टिहरी में 91.57 प्रतिशत, बागेश्वर में 89.26 प्रतिशत, नैनीताल में 85.89 प्रतिशत और उत्तरकाशी में 84.93 प्रतिशत विद्यार्थियों ने भागीदारी की।
देहरादून जिले में कक्षा 11वीं और 12वीं के कुल 63,666 विद्यार्थियों में से 47,358 विद्यार्थियों ने अपने निबंध प्रस्तुत किए।
16 सितंबर को घोषित होंगे श्रेष्ठ विचार
प्राप्त निबंधों और विचारों का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ विशेषज्ञों की टीम द्वारा मूल्यांकन किया जा रहा है। अभियान के तहत श्रेष्ठ 140 विचारों का चयन किया जाएगा। चयनित विद्यार्थियों को शासन के वरिष्ठ अधिकारियों और सचिवों के साथ अपने विचारों पर चर्चा का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री धामी स्वयं इन विद्यार्थियों से संवाद कर उनके विजन और सुझाव सुनेंगे। श्रेष्ठ विचारों के परिणाम 16 सितंबर को घोषित किए जाएंगे।
श्रेष्ठ विचार प्रस्तुत करने वाले विद्यार्थियों को करियर एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहयोग सहित अन्य प्रोत्साहन और पुरस्कार भी दिए जाएंगे।
हर सहभागी को डिजिटल प्रमाण पत्र
अभियान में निबंध जमा करने वाले प्रत्येक विद्यार्थी को डिजिटल प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है। अभियान के तहत ब्लॉक, विद्यालय और विद्यार्थियों से संबंधित विवरण का डेटा भी संकलित किया गया है, जिससे पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाया जा सके।
अभियान के संयोजक डॉ. राहुल अग्रवाल ने कहा कि नई पीढ़ी को राज्य की विकास प्रक्रिया और नीति निर्माण की सोच से जोड़ने की यह अभिनव पहल है। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ अपने विचार साझा किए हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विद्यार्थी केवल उत्तराखंड का भविष्य नहीं हैं, बल्कि उनके विचार आज के उत्तराखंड को भी नई दिशा देने की क्षमता रखते हैं। ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ के माध्यम से सरकार नई पीढ़ी की सोच सुन रही है और युवाओं के अच्छे एवं व्यावहारिक सुझावों को प्रदेश के विकास में स्थान दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि युवा जिस उत्तराखंड का सपना देख रहे हैं, उसे साकार करने में उन्हें भी सहभागी बनाया जाए।
देहरादून : मेरे सपनों का उत्तराखंड’ में 2.67 लाख विद्यार्थियों ने साझा किया अपना विजन
पर्यटन, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीक और पर्यावरण समेत आठ विषयों पर दिए सुझाव श्रेष्ठ 140 विचारों का चयन कर विद्यार्थियों से संवाद करेंगे मुख्यमंत्री धामी
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