Hamarichoupal
देहरादून। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को देहरादून में आयोजित दो कार्यक्रमों में प्रदेश की मातृशक्ति के साथ पर्व मनाया। मुख्यमंत्री ने जीएमएस रोड स्थित चौधरी फार्म और हाथीबड़कला स्थित सर्वे स्टेडियम में आयोजित रक्षाबंधन समारोह में प्रतिभाग किया। दोनों कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में महिलाओं ने मुख्यमंत्री को रक्षा सूत्र बांधकर उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।
मुख्यमंत्री ने सभी बहनों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मातृशक्ति से मिलने वाला स्नेह और विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम का पर्व नहीं, बल्कि स्नेह, विश्वास, समर्पण, सुरक्षा और जिम्मेदारी के पवित्र संकल्प का पर्व है। नारी सम्मान को भारतीय संस्कृति और संस्कारों का आधार बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस समाज में महिलाओं का सम्मान होता है, वही समाज वास्तव में समृद्ध और संस्कारित बनता है।
महिला सशक्तिकरण के लिए केंद्र और राज्य सरकार प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। उज्ज्वला योजना, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, लखपति दीदी अभियान सहित विभिन्न योजनाओं ने महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य किया है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार भी मातृशक्ति को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना, सशक्त बहना उत्सव और मुख्यमंत्री उद्यमशाला जैसी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में करीब 5 लाख महिलाएं 70 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं। इसके साथ ही 7 हजार से अधिक ग्राम संगठन और 500 से अधिक क्लस्टर संगठन महिला शक्ति की सामूहिक क्षमता और नेतृत्व का उदाहरण बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की 3 लाख से अधिक बहनें लखपति दीदी बन चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को सामाजिक और संवैधानिक अधिकारों के स्तर पर भी सशक्त किया जा रहा है। प्रदेश में सरकारी सेवाओं में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू है। समान नागरिक संहिता के माध्यम से भी महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और समान न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी मां के लिए सबसे बड़ी खुशी तब होती है, जब उसका बेटा या बेटी पढ़-लिखकर रोजगार प्राप्त कर अपने पैरों पर खड़ा हो जाए। सरकार ने युवाओं की इस चिंता को समझते हुए अपने पांच वर्ष के कार्यकाल में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी देने का कार्य किया है।
उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए नकल विरोधी कानून लागू किया गया है और भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए कठोर व्यवस्थाएं की गई हैं।
“मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, एक भाई के रूप में आपके बीच आया हूं”
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि रक्षाबंधन के इस अवसर पर वे केवल मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि एक भाई के रूप में अपनी बहनों के बीच आए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की किसी भी बहन या बेटी को कोई परेशानी हो तो वह निःसंकोच अपनी बात मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचा सकती है। उनकी समस्या का संज्ञान लेकर समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा उत्तराखंड बनाना है, जहां बेटियां सुरक्षित हों, बहनें आत्मनिर्भर हों, माताएं सम्मान के साथ जीवन व्यतीत करें और प्रदेश का युवा अपने भविष्य को लेकर आश्वस्त रहे।
28 और 29 अगस्त को महिलाओं के लिए निःशुल्क रोडवेज यात्रा
मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं को विशेष सौगात देते हुए 28 और 29 अगस्त को उत्तराखंड रोडवेज की बसों में निःशुल्क यात्रा की घोषणा की। इससे महिलाएं रक्षाबंधन पर अपने मायके और परिवारजनों से मिलने के लिए सुगमता से यात्रा कर सकेंगी।
चौधरी फार्म में आयोजित कार्यक्रम में कार्यक्रम के आयोजक जोगिंदर सिंह पुंडीर, उत्तराखंड आपदा प्रबंधन राज्य सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय कुमार रोहिला सहित अन्य जनप्रतिनिधि और प्रदेशभर से आई महिलाएं मौजूद रहीं।
वहीं सर्वे स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया राहटकर सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रही।
मुख्यमंत्री ने दोनों कार्यक्रमों में बहनों से संवाद करते हुए कहा कि उत्तराखंड की मातृशक्ति का स्नेह, आशीर्वाद और विश्वास उन्हें प्रदेश की सेवा के लिए निरंतर प्रेरित करता रहेगा।
