अनुराग गुप्ता
देहरादून। पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली की मांग को लेकर रविवार को प्रदेशभर के शिक्षक-कर्मचारियों ने राजधानी देहरादून में जोरदार प्रदर्शन किया। नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (NMOPS) के बैनर तले उत्तराखंड के सभी जिलों से पहुंचे शिक्षक-कर्मचारियों और पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री आवास का घेराव कर सरकार के सामने अपनी मांग रखी।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने जमकर नारेबाजी की और पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग को लेकर सरकार पर दबाव बनाया। प्रदर्शनकारियों ने दो टूक कहा कि उन्हें न तो नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) स्वीकार है और न ही यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS)। कर्मचारियों की मांग केवल पुरानी पेंशन योजना की बहाली है।
भविष्य की आर्थिक सुरक्षा का मुद्दा बताया
रैली को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि पुरानी पेंशन केवल सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाली सुविधा नहीं, बल्कि कर्मचारियों के भविष्य की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा से जुड़ा विषय है। उनका कहना था कि लंबे समय तक सरकारी सेवा देने वाले कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद निश्चित और सम्मानजनक पेंशन मिलना जरूरी है।
कर्मचारियों ने सरकार से मांग की कि वह उनकी मांग को गंभीरता से लेते हुए पुरानी पेंशन योजना की बहाली पर शीघ्र निर्णय करे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि विभिन्न स्तरों पर मांग उठाने के बावजूद समाधान नहीं होने से कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है।
मांग नहीं मानी तो आंदोलन होगा तेज
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने पुरानी पेंशन योजना की बहाली को लेकर जल्द सकारात्मक कदम नहीं उठाया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। कर्मचारियों ने कहा कि OPS की बहाली तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
प्रदेश के विभिन्न जिलों से जुटे शिक्षक-कर्मचारियों की एकजुटता ने सरकार के सामने यह संदेश देने की कोशिश की कि पुरानी पेंशन का मुद्दा कर्मचारियों के बीच अभी भी प्रमुख मांग बना हुआ
