हरिद्वार। अर्धकुंभ मेला-2027 की तैयारियों को गति देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में प्रदेश मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक हरिद्वार स्थित सीसीआर सभागार में शुरू हुई। उत्तराखंड राज्य गठन के बाद हरिद्वार में यह तीसरी कैबिनेट बैठक है। बैठक में अर्धकुंभ के लिए बुनियादी सुविधाओं के विकास, निर्माण कार्यों में तेजी और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने से जुड़े प्रस्तावों पर फैसले होने की संभावना है। इसके अलावा शीतकालीन विधानसभा सत्र की तिथियों पर भी निर्णय लिया जा सकता है।
कैबिनेट बैठक में शामिल होने से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा पूर्ण होने के अवसर पर मां गंगा की पूजा-अर्चना और आरती की। उन्होंने प्रधानमंत्री के स्वस्थ, सुखमय और दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए देश की निरंतर प्रगति, समृद्धि और जनकल्याण के लिए मां गंगा से प्रार्थना की। इस दौरान कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा समेत मंत्रिमंडल के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
अर्धकुंभ मेला-2027 के मद्देनजर हरिद्वार में होने वाली इस बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मेले में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सड़क, पेयजल, स्वच्छता, यातायात और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास से जुड़े विषयों पर मंत्रिमंडल का ध्यान रहने की उम्मीद है। मेला क्षेत्र में अवस्थापना सुविधाओं को मजबूत करने और विभिन्न निर्माण कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के लिए सरकार की रणनीति पर भी नजर रहेगी। बैठक में पर्यटन और औद्योगिक गतिविधियों से जुड़े प्रस्तावों पर भी चर्चा संभव है। वहीं, राज्य में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने के उद्देश्य से उनके लिए अलग कैडर गठित करने के प्रस्ताव पर भी मंत्रिमंडल निर्णय ले सकता है। हालांकि, इन विषयों पर अंतिम स्थिति बैठक के बाद जारी होने वाले आधिकारिक फैसलों से ही स्पष्ट होगी।
मंत्रिमंडल की बैठक में विधानसभा के आगामी शीतकालीन सत्र की तिथियों और कार्यक्रम पर भी मुहर लग सकती है। सत्र 21 से 24 अक्टूबर तक गैरसैंण में आयोजित किए जाने की संभावना जताई जा रही है। इस संबंध में अंतिम निर्णय कैबिनेट के फैसले के बाद स्पष्ट होगा। हरिद्वार में इससे पहले वर्ष 2010 में कुंभ के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक की अध्यक्षता में हरकी पैड़ी पर कैबिनेट बैठक हुई थी। इसके बाद वर्ष 2016 में अर्धकुंभ से पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत की अध्यक्षता में सीसीआर सभागार में मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की गई थी। चंपावत के बाद हरिद्वार में कैबिनेट बैठक आयोजित करने की पहल को शासन के विकेंद्रीकरण और प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में संतुलित विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिल्ली रवाना होने का कार्यक्रम है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, शाम 4:30 बजे वह केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात करेंगे।
अर्धकुंभ-2027 की तैयारियों पर धामी कैबिनेट की नजर, हरिद्वार में बैठक शुरू
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