देहरादून। राजधानी देहरादून में लगातार सामने आ रही आपराधिक घटनाओं को लेकर कांग्रेस ने प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन पर हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना के नेतृत्व में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को मुख्य सचिव आनंद वर्धन से सचिवालय में मुलाकात कर कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता जताई और मांग पत्र सौंपा।
धस्माना ने कहा कि राजधानी में लगातार गंभीर आपराधिक घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे आम जनता में भय का माहौल है। उन्होंने मांग की कि किसी भी जघन्य अपराध के बाद चौकी, थाना, सर्किल और जिला स्तर पर संबंधित पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
कांग्रेस नेता ने राजधानी में हुई विभिन्न घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि परेड ग्राउंड के सामने युवक की हत्या, राजपुर रोड स्थित सिल्वर सिटी मॉल में गोलीबारी में युवक की हत्या, जोहड़ी गांव में गैंगवार के दौरान रिटायर्ड ब्रिगेडियर की मौत, पलटन बाजार में युवती की हत्या, भाजपा पार्षद अमिता सिंह के परिवार को नशीला पदार्थ खिलाकर लूट और रायपुर थाना क्षेत्र के विष्णु लोक में हुए तिहरे हत्याकांड जैसी घटनाओं ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
सीनियर सिटीजंस की सुरक्षा पर विशेष जोर
धस्माना ने कहा कि बढ़ते अपराधों का सबसे अधिक असर अकेले रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों पर पड़ रहा है। उन्होंने मुख्य सचिव से मांग की कि प्रत्येक थाना क्षेत्र में रहने वाले सीनियर सिटीजंस की सुरक्षा के लिए पुलिस विशेष व्यवस्था करे और उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश समेत दूसरे राज्यों के अपराधी देहरादून को सुरक्षित ठिकाने के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। उनके अनुसार, कई बार बड़ी वारदात के बाद यह सामने आता है कि बाहरी राज्यों से जुड़े अपराधी लंबे समय से राजधानी में रहकर व्यवसाय या अन्य गतिविधियां कर रहे थे।
धस्माना ने कहा कि पुलिस और गृह विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए जाने चाहिए कि गंभीर आपराधिक घटनाओं में केवल अपराधियों की गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित न रहे, बल्कि पुलिसिंग में हुई चूक की भी जिम्मेदारी तय हो।
प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश कांग्रेस श्रम विभाग के अध्यक्ष दिनेश कौशल, पूर्व प्रदेश महासचिव जगदीश धीमान और युवा कांग्रेस के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष सुमित खन्ना शामिल रहे।
राजधानी की कानून-व्यवस्था पर कांग्रेस का हमला, मुख्य सचिव से मांगी पुलिस की जवाबदेही
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