अनुराग गुप्ता
देहरादून। धराली आपदा के दौरान दुपट्टे के एक छोटे से टुकड़े से बंधा भाई-बहन का रिश्ता एक साल बाद भी कायम है। अहमदाबाद की धनगौरी बरोलिया ने रक्षाबंधन के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के लिए राखी भेजी है। राखी के साथ उन्होंने मुख्यमंत्री को एक भावुक पत्र भी लिखा है, जिसमें धराली आपदा के दौरान हुई अपनी मुलाकात और उस भावुक पल को याद किया है।
धनगौरी के मुताबिक, पिछले वर्ष रक्षाबंधन के आसपास वह उत्तराखंड आई थीं। इसी दौरान धराली क्षेत्र में आई भीषण आपदा में वह फंस गई थीं। आपदा के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी प्रभावित क्षेत्र में पहुंचे और वहां फंसे लोगों से मुलाकात कर उनका हाल जाना। इसी दौरान धनगौरी की भी मुख्यमंत्री से मुलाकात हुई।
धनगौरी ने बताया कि उस समय रक्षाबंधन नजदीक था। मुख्यमंत्री ने उनसे पूछा कि क्या उनके पास राखी है। राखी न होने पर उन्होंने अपने दुपट्टे का एक छोटा सा टुकड़ा फाड़कर उसे ही राखी का रूप दिया और मुख्यमंत्री की कलाई पर बांध दिया। यही छोटा-सा भावनात्मक पल उनके लिए एक खास रिश्ते की शुरुआत बन गया।
अपने पत्र में धनगौरी ने लिखा कि उसी दिन उन्होंने मुख्यमंत्री धामी को अपना धर्म भाई मान लिया था। उनके मुताबिक धराली की उस मुश्किल घड़ी में मुख्यमंत्री ने प्रभावित लोगों से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया और उन्हें भरोसा दिलाया। उस मुलाकात की याद आज भी उनके मन में ताजा है।
धनगौरी ने अपने पत्र में भगवान श्रीकृष्ण और द्रौपदी के प्रसंग का उल्लेख करते हुए भाई-बहन के रिश्ते में भरोसे और संरक्षण के भाव को सामने रखा। उन्होंने कहा कि संकट की घड़ी में मुख्यमंत्री जिस तरह प्रभावित लोगों के बीच पहुंचे, वह उनके लिए बेहद भावुक और यादगार अनुभव था।
इस बार धनगौरी अहमदाबाद में हैं, लेकिन रक्षाबंधन पर अपने धर्म भाई को राखी भेजने की परंपरा को उन्होंने नहीं छोड़ा। उन्होंने राखी के साथ अपनी भावनाएं भी मुख्यमंत्री तक पहुंचाईं और उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।
धनगौरी ने मुख्यमंत्री से इसी तरह उत्तराखंड और प्रदेश की जनता की सेवा करते रहने की शुभकामना भी दी। धराली आपदा के बीच दुपट्टे के एक टुकड़े से शुरू हुआ यह अनोखा भाई-बहन का रिश्ता अब एक साल बाद राखी के धागे के साथ फिर जुड़ गया है।
