हमारी चौपाल
देहरादून, 02 अगस्त 2026
उत्तराखण्ड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (SCPCR), समर्पण संस्था एवं चाइल्डलाइन की संयुक्त टीम द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए एक बाल विवाह की पीड़ित नाबालिग बालिका का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया। प्राप्त सूचना के आधार पर टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर बालिका को सुरक्षित संरक्षण में लिया तथा आवश्यक विधिक एवं सामाजिक प्रक्रिया पूर्ण करते हुए उसे बालिका निकेतन भेजा गया।
इस अभियान में उत्तराखण्ड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की माननीय सदस्या **श्रीमती बबीता सहोत्रा** ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए बालिका के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की। उन्होंने कहा कि बाल विवाह बच्चों के अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है तथा ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी संबंधित विभागों एवं संस्थाओं के समन्वय से प्रत्येक बालक-बालिका की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
रेस्क्यू अभियान में **समर्पण संस्था** की ओर से **सुश्री मानसी मिश्रा** एवं **श्री अशोक भट्ट**, तथा **चाइल्डलाइन** के सदस्य एवं अन्य संबंधित अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी के समन्वित प्रयासों से बालिका को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया गया।
उत्तराखण्ड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने आमजन से अपील की है कि यदि कहीं भी बाल विवाह, बाल श्रम, बाल तस्करी या बच्चों के अधिकारों के उल्लंघन से संबंधित कोई सूचना प्राप्त होती है, तो तत्काल प्रशासन, पुलिस, चाइल्डलाइन अथवा बाल अधिकार संरक्षण आयोग को सूचित करें, ताकि समय रहते बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
