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हमारी चौपाल
“विकास के दावे बड़े थे, पुल ने हकीकत जल्दी दिखा दी!”
“15 दिन में पुल बैठा, अब जवाब कौन देगा?”
“उद्घाटन की रफ्तार तेज, टिकाऊपन की परीक्षा अधूरी!”
“पुल टूटा तो विकास भी सवालों के घेरे में आ गया!”
“दूरबीन नहीं, जवाब चाहिए… पुल आखिर टूटा क्यों?”
“फीता कट गया, लेकिन पुल टिक नहीं पाया!”
“विकास की तस्वीर में दरार या व्यवस्था की लापरवाही?”
“पुल की दरारों में विकास के दावे तलाशते नेता!”
“जनता पूछ रही है—विकास दिखेगा या सिर्फ दावे?”
