Hamarichoupal,05,05,2026
Anurag Gupta
विकासनगर। आसन कंजर्वेशन रिजर्व के समीप अवैध खनन और खनन सामग्री के भंडारण को लेकर एक बार फिर विवाद सामने आया है। वन विभाग की कार्रवाई के दौरान खनन कारोबारियों और उनके समर्थकों द्वारा वन अधिकारियों पर दबाव बनाने तथा अभद्र व्यवहार किए जाने के आरोप लगे हैं। घटना के बाद क्षेत्र में अवैध खनन गतिविधियों और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, विकासनगर के ढालीपुर क्षेत्र में स्थित विश्व प्रसिद्ध आसन कंजर्वेशन रिजर्व के आसपास प्रतिबंधित एक किलोमीटर के दायरे में बड़े पैमाने पर खनन सामग्री का भंडारण किए जाने की शिकायत वन विभाग को मिली थी। शिकायत के आधार पर वन विभाग के एसडीओ राजीव नयन नौटियाल ने संबंधित पक्ष को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था। निर्धारित समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर विभाग ने कार्रवाई का निर्णय लिया।
बताया जा रहा है कि कार्रवाई से पूर्व वन विभाग ने पुलिस और तहसील प्रशासन से भी सहयोग मांगा था, लेकिन मौके पर अपेक्षित सहायता नहीं मिल सकी। इसके बावजूद एसडीओ राजीव नयन नौटियाल अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच के बाद अवैध भंडारण स्थल को सीज करते हुए नोटिस चस्पा कर दिया।
वन विभाग की कार्रवाई के दौरान मौके पर तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई। आरोप है कि कार्रवाई का विरोध करते हुए कुछ लोगों ने हंगामा किया और वन अधिकारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार स्थिति कुछ समय के लिए काफी तनावपूर्ण हो गई थी, लेकिन वन विभाग की टीम ने कार्रवाई जारी रखते हुए प्रक्रिया पूरी की।
इस घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में अवैध खनन और पर्यावरणीय नियमों के अनुपालन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आसन वेटलैंड जैसे संवेदनशील क्षेत्र के आसपास नियमों का सख्ती से पालन कराया जाना आवश्यक है। वहीं, अधिकारियों के साथ कथित अभद्रता की घटना ने भी प्रशासनिक व्यवस्था और कानून के प्रति सम्मान को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
आसन कंजर्वेशन रिजर्व के समीप ढालीपुर क्षेत्र में अवैध खनन सामग्री के भंडारण स्थल पर कार्रवाई करते वन विभाग के अधिकारी।
