Hamarichoupal,02,06,2026
विकासनगर। आसन संरक्षण रिजर्व के ईको-सेंसिटिव जोन में बड़े पैमाने पर अवैध खनन, भंडारण और खनिज परिवहन के आरोपों को लेकर वन विभाग ने जिलाधिकारी देहरादून से विशेष ऑडिट और उच्च स्तरीय संयुक्त जांच कराने की मांग की है।
उप प्रभागीय वनाधिकारी (कालसी) द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया है कि यमुना नदी क्षेत्र में अवैध खनन की लगातार शिकायतें मिल रही हैं। गूगल अर्थ के वर्ष 2022, 2024 और 2025 के उपग्रह चित्रों के तुलनात्मक अध्ययन में कालसी से रामपुर मंडी तक खनन प्रभावित क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
वन विभाग का अनुमान है कि ईको-सेंसिटिव जोन में 96 लाख से 1.22 करोड़ टन तक खनिज का अवैध उत्खनन हुआ हो सकता है, जिससे 268 से 340 करोड़ रुपये तक के राजस्व नुकसान की आशंका है। विभाग ने डाकपत्थर-कालसी क्षेत्र में भी 80 से 107 करोड़ रुपये तक की संभावित वित्तीय देनदारी का उल्लेख किया है।
पत्र में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए कहा गया है कि आसन वेटलैंड की 10 किलोमीटर परिधि में आवश्यक अनुमति के बिना खनन गतिविधियां संचालित नहीं की जा सकतीं।
वन विभाग ने पूरे क्षेत्र का ड्रोन सर्वे, जीआईएस मैपिंग, उपग्रह विश्लेषण तथा वन, राजस्व, पुलिस और खनन विभाग की संयुक्त टीम से निरीक्षण कराने की सिफारिश की है। साथ ही अवैध खनन, भंडारण या परिवहन पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की गई है।
