पसीना आना (चाहे कसरत की वजह से हो या गर्मी के संपर्क में आने से) एक नेचुरल फिजिकल प्रोसेस है, जो शरीर के तापमान को कंट्रोल करती है (थर्मोरेगुलेशन) और शरीर को ठंडा रखती है. पसीने की ग्रंथियों से निकलने वाली नमी त्वचा से भाप बनकर उड़ जाती है, जिससे शरीर की अधिक गर्मी निकल जाती है. यह प्रोसेस दिल की धड़कन और मेटाबॉलिक एक्टिविटी में बढ़ोतरी से शुरू हो सकती है, जैसे कि फिजिकल एक्टिविटी के दौरान. हालांकि पसीना आना आम तौर पर जीवन का एक नॉर्मल हिस्सा है, लेकिन बहुत ज्यादा पसीना आना चिंता और शर्मिंदगी का कारण बन सकता है. इसे न तो नजरअंदाज किया जाना चाहिए और न ही इसे कोई छोटी-मोटी समस्या मानकर टाल देना चाहिए. जानिए क्यों…
पसीना क्यों आता है?
क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, पसीना एक नमकीन लिक्विड सब्सटेंस है जो त्वचा में मौजूद ग्रंथियों द्वारा शरीर के तापमान को एक हेल्दी लेवल पर बनाए रखने के लिए बनाया जाता है. यह शरीर को ज्यादा गरम होने से बचाता है और आपको सुरक्षित रूप से एक्सरसाइज करने, गर्मी में बाहर काम करने, या गर्म जलवायु में रहने में सक्षम बनाता है. हालांकि, कुछ हेल्थ कंडीशन दवाएं शरीर की सामान्य रूप से पसीना निकालने की क्षमता को प्रभावित कर सकती हैं.
ऐसे में, यदि आपको ज्यादा पसीना आता है, तो यह इस बात का संकेत है कि आपको हाइपरहाइड्रोसिस की समस्या हो सकती है. हाइपरहाइड्रोसिस का अर्थ है बहुत ज्यादा पसीना आना, एक ऐसी स्थिति जो हमेशा गर्मी या शारीरिक मेहनत से जुड़ी नहीं होती. इस स्थिति के कारण आपको इतना ज्यादा पसीना आ सकता है कि आपके कपड़े पूरी तरह भीग जाएं या आपके हाथों से पसीना टपकने लगे. अत्यधिक पसीना आना आपकी रोजमर्रा की दिनचर्या को बाधित कर सकता है और सामाजिक चिंता व शर्मिंदगी का कारण बन सकता है.
बहुत ज्यादा पसीना आने के कारण
बहुत ज्यादा पसीना आने की समस्या का इलाज करना आम तौर पर फायदेमंद होता है. इलाज अक्सर पसीना कम करने वाले लोशन के इस्तेमाल से शुरू होता है. अगर इनसे आराम नहीं मिलता, तो आपको अलग-अलग दवाएं और थेरेपी आजमाने की जरूरत पड़ सकती है. गंभीर मामलों में, आपका डॉक्टर पसीने की ग्रंथियों को हटाने या बहुत ज्यादा पसीना आने के लिएजिम्मेदार नसों को काटने के लिए सर्जरी का सुझाव दे सकता है.
पसीना आने के फायदे
डिटॉक्स: आज के समय में, माइक्रोप्लास्टिक्स और प्रदूषण के कारण शरीर में कई तरह के जहरीले पदार्थ जमा हो रहे हैं. इनमें से कुछ जहरीले पदार्थ रोज नहाने से निकल जाते हैं. हालांकि, शरीर बाकी बचे कई जहरीले पदार्थों को पसीने के जरिए बाहर निकाल देता है. खास बात यह है कि पसीना उन जहरीले पदार्थों जैसे कि (सीसा, पारा, कैडमियम, आर्सेनिक और प्लास्टिक) को बाहर निकालता है, जो त्वचा की गहराई में जमा होते हैं.
एक अध्ययन के अनुसार , रेगुलर पसीना आना शरीर से अतिरिक्त सूक्ष्म पोषक तत्व, मेटाबॉलिक प्रोसेस के बेकार उत्पादों और टॉक्सिन्स को बाहर निकालने सहित अन्य महत्वपूर्ण होमियोस्टैटिक कार्यों के लिए जिम्मेदार है.
त्वचा की नमी के लिए जरूरी : बंद रोमछिद्रों को खोलने के लिए पसीना आना फायदेमंद होता है. इसके अलावा, यह त्वचा की रेस्पिरेटरी प्रोसेस को बेहतर बनाता है. ड्राई स्किन से पीड़ित लोगों के लिए पसीना आना फायदेमंद होता है. इससे त्वचा नमीयुक्त और हाइड्रेटेड रहती है. पसीना त्वचा को मुलायम बनाने में भी मदद करता है. सैर, योग और व्यायाम के दौरान पसीना आने से ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है और ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ती है.
