हमारी चौपाल
देहरादून, 25 जुलाई।
केंद्र सरकार के वस्त्र मंत्रालय के अंतर्गत केंद्रीय रेशम बोर्ड द्वारा संचालित “मेरा रेशम मेरा अभिमान 2.0” (MRMA 2.0) अभियान के तहत शुक्रवार को देहरादून में जिला हितधारक परामर्श बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य जिले में रेशम उत्पादन की वर्तमान स्थिति का आकलन कर आगामी पांच वर्षों के लिए जिला स्तरीय कार्ययोजना तैयार करना रहा।
प्रेमनगर स्थित रेशम निदेशालय सभागार में आयोजित बैठक में रेशम निदेशालय के निदेशक प्रदीप कुमार मुख्य अतिथि रहे, जबकि केंद्रीय रेशम बोर्ड के निदेशक डॉ. पंकज तिवारी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। बैठक में केंद्रीय रेशम बोर्ड एवं रेशम निदेशालय के वैज्ञानिकों, अधिकारियों, उत्तराखंड को-ऑपरेटिव रेशम फेडरेशन के प्रतिनिधियों, रेशमकीट पालकों, रीलरों और बुनकरों ने भाग लिया।
बैठक में गुणवत्तापूर्ण रेशमकीट बीज की उपलब्धता, शहतूत उत्पादन का विस्तार, तकनीकी हस्तांतरण, किसानों के प्रशिक्षण, कौशल विकास, उत्पादकता बढ़ाने तथा रेशम उत्पादों के मूल्य संवर्धन और विपणन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। हितधारकों ने अपनी समस्याएं और सुझाव भी साझा किए।
अधिकारियों ने कहा कि केंद्रीय रेशम बोर्ड और रेशम निदेशालय के बेहतर समन्वय से रेशम उत्पादकों की आय बढ़ाने, आधुनिक तकनीकों के प्रभावी उपयोग और जिले में रेशम उत्पादन को अधिक व्यवस्थित एवं टिकाऊ बनाने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण साबित होगी। बैठक में प्राप्त सुझावों के आधार पर देहरादून के लिए पांच वर्षीय जिला कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
