हमारी चौपाल
देहरादून, 18 जुलाई। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की ओर से तैयार की जा रही देहरादून महायोजना-2041 को लेकर जनभागीदारी लगातार बढ़ रही है। शनिवार को अभियान के दसवें दिन हुडा कार्यालय, राजीव गांधी कॉम्प्लेक्स, तहसील चौक में आयोजित जनसुनवाई में बड़ी संख्या में नागरिकों, भू-स्वामियों, व्यापारिक संगठनों और सामाजिक संस्थाओं ने हिस्सा लेकर अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज कराईं।
जनसुनवाई में लोगों ने भूमि उपयोग, ट्रैफिक व्यवस्था, पार्किंग, सड़क नेटवर्क, सार्वजनिक परिवहन, आधारभूत सुविधाओं, पर्यावरण संरक्षण, जलभराव, वर्षा जल निकासी और भूजल संरक्षण जैसे मुद्दों पर विस्तार से सुझाव दिए। नागरिकों ने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण को देखते हुए राजधानी के सुनियोजित और संतुलित विकास के लिए प्रभावी महायोजना आवश्यक है।
एमडीडीए की तकनीकी टीम ने सभी सुझावों और आपत्तियों का रिकॉर्ड तैयार करते हुए भरोसा दिलाया कि प्रत्येक बिंदु का तकनीकी और विधिक परीक्षण कर व्यवहारिक सुझावों को महायोजना में शामिल किया जाएगा।
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि देहरादून महायोजना-2041 आने वाले वर्षों के लिए राजधानी के विकास का विजन डॉक्यूमेंट है और जनभागीदारी से ही इसे अधिक व्यावहारिक व जनहितकारी बनाया जा सकेगा।
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि सभी सुझावों और आपत्तियों का व्यवस्थित अभिलेखीकरण किया जा रहा है तथा विशेषज्ञों द्वारा परीक्षण के बाद अंतिम महायोजना तैयार की जाएगी।
अगली जनसुनवाई 20 जुलाई को सेक्टर-11 के लिए राजकीय बालिका पॉलिटेक्निक कॉलेज, सुद्धोवाला में आयोजित होगी। एमडीडीए ने संबंधित क्षेत्र के नागरिकों और हितधारकों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर अपने सुझाव दर्ज कराने की अपील की है।
