हमारी चौपाल
देहरादून, 11 जुलाई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को सहसपुर स्थित श्री गुरु रामराय पब्लिक स्कूल में आयोजित ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण’ कार्यक्रम के अंतर्गत ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ जनसेवा शिविर में प्रतिभाग करते हुए कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य शासन-प्रशासन को आम जनता के और अधिक निकट लाना है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, बल्कि सरकार स्वयं उनके द्वार तक पहुंचकर सेवाएं उपलब्ध कराए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है और सुशासन का वास्तविक अर्थ संवेदनशील, जवाबदेह एवं जनकेंद्रित प्रशासन है। उन्होंने कहा कि ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान शासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करने के साथ-साथ सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन रहा है।
उन्होंने बताया कि अभियान के प्रथम चरण में प्रदेशभर में 65 दिनों के दौरान लगभग 700 जनसेवा शिविर आयोजित किए गए, जिनमें पांच लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया। देहरादून जनपद में आयोजित 46 शिविरों में 60 हजार से अधिक नागरिकों ने सहभागिता की तथा लगभग 39 हजार लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ मौके पर ही उपलब्ध कराया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण’ के पांच वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित सेवा पखवाड़े के तहत प्रदेशभर में जनसेवा शिविर लगाए जा रहे हैं। 4 जुलाई से प्रारंभ हुए इस अभियान में अब तक 64 हजार से अधिक नागरिकों ने भाग लिया है। इस दौरान प्राप्त 5,567 जनसमस्याओं में से 4,951 का समाधान सुनिश्चित किया गया है, जबकि 2,522 नागरिकों को विभिन्न प्रमाण-पत्रों एवं सरकारी सेवाओं का लाभ प्रदान करने की प्रक्रिया संचालित की गई है।
सहसपुर में आयोजित शिविर में एक हजार से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराया तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त किया। पात्र लाभार्थियों को विभिन्न विभागों की योजनाओं के अंतर्गत प्रमाण-पत्र एवं अन्य सहायता वितरित की गई। साथ ही विभागीय स्टॉलों के माध्यम से लोगों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ मौके पर ही आवश्यक सेवाएं भी उपलब्ध कराई गईं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड विकास के नए प्रतिमान स्थापित कर रहा है। सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, पर्यटन, उद्योग, निवेश और हवाई संपर्क सहित प्रत्येक क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य में जी-20 बैठकों, राष्ट्रीय खेलों, शीतकालीन यात्रा तथा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट जैसे ऐतिहासिक आयोजनों का सफल आयोजन हुआ है। समान नागरिक संहिता लागू कर सामाजिक न्याय की दिशा में ऐतिहासिक पहल की गई है तथा देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू कर युवाओं को पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराया गया है।
जन समस्याओं के समाधान के लिए मौके पर दिए निर्देश
मुख्यमंत्री ने जनसेवा शिविर में लोगों की समस्याएं स्वयं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनके समयबद्ध समाधान के निर्देश दिए। कारबारी ग्रांट में सोलर लाइट लगाने, जूट बैग निर्माण के लिए सिलाई मशीन उपलब्ध कराने, आंतरिक सड़कों एवं जल निकासी व्यवस्था के विकास, श्मशान घाट निर्माण, बंदोबस्त कार्यों के निस्तारण, पार्क एवं ओपन जिम निर्माण तथा ग्रामीण क्षेत्र में डिस्पेंसरी एवं एंबुलेंस की व्यवस्था सहित विभिन्न मांगों पर संबंधित विभागों को निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक सहसपुर सहदेव सिंह पुंडीर, दायित्वधारी विनय रोहिला, पुनीत मित्तल, ओमवीर सिंह, भुवन विक्रम डबराल, भाजपा जिलाध्यक्ष मीता सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष नीरू देवी, अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी, जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र डोभाल, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
