देहरादून। राजधानी देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में अवैध प्लॉटिंग, बिना स्वीकृत मानचित्र निर्माण और अनधिकृत व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने सख्त कार्रवाई की है। प्राधिकरण की टीम ने शिमला बाईपास, पौंधा, मसूरी और विधौली क्षेत्र में अभियान चलाकर अवैध निर्माण और प्लॉटिंग के खिलाफ कार्रवाई की। इस दौरान शिमला बाईपास क्षेत्र में करीब 20 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया, जबकि पौंधा में 30 से 40 बीघा भूमि पर विकसित की जा रही प्लॉटिंग को सील किया गया। इसके अलावा मसूरी में अवैध निर्माण और विधौली में बिना जरूरी स्वीकृति संचालित कैफे व दुकानों पर भी सीलिंग की कार्रवाई की गई।
एमडीडीए की इस कार्रवाई से अवैध रूप से प्लॉटिंग करने वालों और बिना अनुमति व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने वाले प्रतिष्ठान संचालकों में हड़कंप मचा रहा।
शिमला बाईपास पर 20 बीघा प्लॉटिंग ध्वस्त
प्राधिकरण के अनुसार, मेदनीपुर, शिमला बाईपास रोड, ढकरानी और हरबर्टपुर क्षेत्र में गौरव रावत की करीब 20 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि बिना आवश्यक स्वीकृति के भूमि पर प्लॉटिंग कर विकसित की जा रही कॉलोनियों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।
वहीं, पौंधा रोड पर राजेंद्र अग्रवाल की करीब 30 से 40 बीघा भूमि पर की जा रही प्लॉटिंग के मामले में प्राधिकरण की टीम ने सीलिंग की कार्रवाई की। बड़े भू-भाग पर की जा रही कथित अनधिकृत प्लॉटिंग के खिलाफ कार्रवाई को प्राधिकरण की सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है।
मसूरी में अवैध निर्माण पर कार्रवाई
मसूरी के विन्सेन्ट हिल, क्रेग टॉप एस्टेट, वैवरली और हाथीपांव रोड क्षेत्र में अरुण सहगल तथा निर्माणकर्ता राहुल रोहानी से संबंधित अवैध निर्माण के मामले में सीलिंग की कार्रवाई की गई। प्राधिकरण के मुताबिक, पर्वतीय क्षेत्रों में निर्माण के दौरान स्वीकृत मानचित्र और निर्धारित नियमों का पालन अनिवार्य है। नियमों के उल्लंघन पर संबंधित निर्माण के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विधौली में कैफे और दुकानों पर सीलिंग
विधौली स्थित यूपीईएस कॉलेज के निकट भी एमडीडीए ने अवैध व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई की। यहां अक्षय पंवार के कैफे, रवि शंकर के कैफे एवं दुकान, गायत्री शर्मा की बिना स्वीकृत मानचित्र संचालित दुकान और माही कैफे सहित संबंधित प्रतिष्ठानों पर सीलिंग की कार्रवाई की गई।
प्राधिकरण ने कहा कि व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन के लिए जरूरी अनुमतियां और मानचित्र स्वीकृति प्राप्त करना आवश्यक है। बिना निर्धारित स्वीकृति के संचालित प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
अवैध निर्माण पर आगे भी जारी रहेगा अभियान
कार्रवाई के दौरान संबंधित क्षेत्रीय सहायक अभियंता, अवर अभियंता, सुपरवाइजर और पुलिस बल मौजूद रहे। एमडीडीए ने स्पष्ट किया कि अवैध प्लॉटिंग, अनधिकृत निर्माण और नियमों के विपरीत संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर निगरानी बढ़ाई जाएगी तथा उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में सुनियोजित विकास सुनिश्चित करना और अवैध प्लॉटिंग व निर्माण पर प्रभावी रोक लगाना प्राथमिकता है। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आमजन से अपील की कि जमीन या भूखंड खरीदने से पहले स्वीकृत लेआउट, मानचित्र और संबंधित अनुमतियों की जांच अवश्य करें।
प्राधिकरण के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि अवैध निर्माण और अनधिकृत व्यावसायिक गतिविधियों पर नियमित निगरानी रखी जा रही है। क्षेत्रीय अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सतर्क रहने और नियमों का उल्लंघन सामने आने पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
एमडीडीए की इस कार्रवाई के बाद अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि अवैध प्लॉटिंग और बिना अनुमति निर्माण के खिलाफ अभियान कितनी निरंतरता से आगे बढ़ता है और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर आगे क्या कार्रवाई होती है।
एमडीडीए का अवैध प्लॉटिंग और निर्माण पर बड़ा प्रहार, सात स्थानों पर कार्रवाई
शिमला बाईपास पर 20 बीघा अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त, पौंधा में 30 से 40 बीघा जमीन पर सीलिंग; मसूरी और विधौली में भी चला अभियान
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