Hamarichoupal,30,05,2026
देहरादून, 30 मई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उच्च शिक्षा केवल ज्ञान अर्जन का माध्यम नहीं, बल्कि विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शिक्षा, नवाचार, अनुसंधान और कौशल विकास के क्षेत्र में हुए परिवर्तन भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
शनिवार को शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में “विकसित भारत 2047 के निर्माण में उच्च शिक्षा का महत्त्व” विषय पर आयोजित विचार गोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 भारतीय शिक्षा प्रणाली के प्राचीन गौरव को पुनर्स्थापित करने की दिशा में ऐतिहासिक पहल है। यह नीति विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, अनुसंधान, नवाचार और व्यावहारिक कौशल को बढ़ावा दे रही है।
उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों को केवल शिक्षण केंद्र नहीं, बल्कि ज्ञान, अनुसंधान और नवाचार के उत्कृष्ट केंद्रों के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत आज स्टार्टअप, डिजिटल तकनीक, रक्षा, अंतरिक्ष, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्रों में वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड शिक्षा, ज्ञान और अध्यात्म की समृद्ध परंपरा वाला प्रदेश है। राज्य सरकार स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी, ऑनलाइन शिक्षण सुविधाओं तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और डेटा साइंस जैसे आधुनिक विषयों को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने बताया कि दून विश्वविद्यालय में स्थापित सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज भारतीय ज्ञान परंपरा के अध्ययन और अनुसंधान को नई दिशा देगा।
उन्होंने कहा कि युवाओं को भविष्य के अनुरूप कौशल, नवाचार और नेतृत्व क्षमता से सशक्त बनाने के लिए उद्योगों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच समन्वय, इंटर्नशिप, इंडस्ट्री-लिंक्ड पाठ्यक्रम तथा स्टार्टअप एवं इन्क्यूबेशन सेंटरों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्य सरकार का लक्ष्य युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला बनाना है।
कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, शिक्षाविद, विशेषज्ञ और प्रबुद्धजन उपस्थित
