रुद्रपुर(आरएनएस)। सरकारी क्रय केंद्रों पर धान की तौल नहीं होने से नाराज किसान ने रविवार को मंडी समिति परिसर में सांकेतिक रूप से अपने धान में आग लगा दी। इससे मंडी में मौजूद अन्य किसान भी आक्रोशित हो गए और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। किसानों ने आरोप लगाया कि 26 सितंबर से उनका धान क्रय केंद्रों पर पड़ा है, लेकिन अब तक तौल का नंबर नहीं आया है। किसानों ने धान खरीद की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। रविवार को सरकारी कांटों पर तौल नहीं होने से नाराज ग्राम पटेरी निवासी किसान हीरालाल ने सांकेतिक रूप से अपने धान में आग लगा दी।इसके बाद अन्य किसान भी मौके पर पहुंच गए और हंगामा करने लगे। हीरालाल ने बताया कि उसने 26 सितंबर को मंडी समिति के दोपहरिया कांटे पर धान डाला था। तब से उसे रोज तौल का आश्वासन दिया जा रहा है, लेकिन अब तक धान नहीं तौला गया। मंडी परिसर में धान पड़े रहने से वह सरकारी व्यवस्था से परेशान हो चुका है। मौके पर पहुंचे किसानों ने आरएफसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि ग्रामीण क्षेत्रों में धान खरीद करने वाले यूसीएफ के कांटों को प्रतिदिन केवल 100 कुंतल खरीद की सीमा दी गई है। इसके बावजूद निर्धारित मात्रा में भी तौल नहीं हो रही है। इससे एक अक्तूबर से किसानों का धान कांटों पर पड़ा है। किसानों ने धान की ढेरी पर बैठकर प्रदर्शन किया। सूचना मिलने पर डिप्टी आरएमओ वरुण कुमार मौके पर पहुंचे। इस दौरान धान की तौल को लेकर किसानों और अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। किसानों ने आरएफसी की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए। वरुण कुमार ने किसानों को जल्द तौल कराने का भरोसा दिलाया। प्रदर्शन करने वालों में परमजीत सिंह, ओमकार सिंह, तेजराम सिंह, मोर सिंह, मो. ताहिर, अब्दुल मजीद, मो. हनीफ, रोशन लाल, इरशाद अहमद, रामबाबू, मो. जरीफ और वसीम मलिक आदि शामिल रहे।
धान की तौल नहीं होने पर भड़के किसान, प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन
2
