देहरादून, 24 सितंबर। प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था को डेटा, तकनीक, पारदर्शिता और परिणाम आधारित बनाने की दिशा में उत्तराखंड सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने गुरुवार को ननूरखेड़ा स्थित विद्यालयी शिक्षा निदेशालय परिसर में उच्च शिक्षा विभाग के क्षेत्रीय कार्यालय और विद्या समीक्षा केन्द्र (वीएसके) का शुभारंभ किया।
डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि लगभग 5 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह केन्द्र उच्च शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने दावा किया कि उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत स्थापित यह देश का पहला विद्या समीक्षा केन्द्र है। इसके माध्यम से प्रदेश के सभी राजकीय महाविद्यालयों की व्यवस्थाओं और गतिविधियों की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जा सकेगी।
मंत्री ने बताया कि वीएसके के माध्यम से राजकीय महाविद्यालयों के आधारभूत ढांचे, छात्र संख्या, विद्यार्थियों की उपस्थिति, परीक्षा परिणाम और शिक्षकों की कार्यप्रणाली से संबंधित डाटा ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा। इसके साथ ही शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के स्थानांतरण और पदोन्नति की प्रक्रिया तथा विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन की भी निगरानी की जाएगी।
उन्होंने कहा कि केन्द्र से प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण कर संस्थानों के प्रदर्शन, संसाधनों के उपयोग और योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। इस डाटा का उपयोग भविष्य में नीति निर्माण और उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए भी किया जाएगा।
क्षेत्रीय कार्यालय से विभागीय कार्यों को मिलेगी रफ्तार
डॉ. रावत ने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग के क्षेत्रीय कार्यालय की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी। इससे विभागीय गतिविधियों को गति मिलेगी और महाविद्यालयों से संबंधित कार्यों की निगरानी एवं समन्वय अधिक प्रभावी तरीके से किया जा सकेगा।
कार्यक्रम में विधायक उमेश शर्मा काऊ ने उच्च शिक्षा मंत्री की नीतियों और कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उच्च शिक्षा एवं विद्यालयी शिक्षा के क्षेत्र में लिए गए निर्णयों से प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा मिली है।
उच्च शिक्षा उन्नयन समिति के उपाध्यक्ष डॉ. देवेन्द्र भसीन और डॉ. जयपाल सिंह चौहान ने कहा कि उत्तराखंड में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन को मजबूती से आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विद्यार्थियों, शिक्षकों और शोध को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
‘लक्ष्य पवित्र हो तो निर्णय सफल होते हैं’
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कार्यक्रम के दौरान डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि “लक्ष्य पवित्र हो तो निर्णय सफल होते हैं।” उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देश का ऐसा राज्य है, जिसने छात्र संघ चुनावों में छात्राओं को 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व दिया है। उन्होंने दावा किया कि इस निर्णय की देशभर में सराहना हुई है और कई विश्वविद्यालय अब छात्राओं को अधिक प्रतिनिधित्व देने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
मंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत सभी महाविद्यालयों के पास अपनी भूमि और भवन हैं। उन्होंने यह भी कहा कि महाविद्यालयों में प्राचार्य एवं फैकल्टी की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है तथा विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को ‘भक्त दर्शन उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान’ से सम्मानित किए जाने की व्यवस्था भी की गई है।
कार्यक्रम में पूर्व सलाहकार रूसा प्रो. एमएसएम रावत, प्रो. केडी पुरोहित, निदेशक एससीईआरटी वंदना गब्र्याल, संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा प्रो. संगीता गुप्ता, डॉ. ममता ड्यूंडी नैथानी, निदेशक बेसिक शिक्षा केएस रावत, रूसा नोडल डॉ. अनीता रावत सहित विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्य एवं विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
उच्च शिक्षा में अब डेटा और तकनीक से होगी रियल टाइम मॉनिटरिंग
करीब 5 करोड़ की लागत से क्षेत्रीय कार्यालय और विद्या समीक्षा केन्द्र का शुभारंभ, धन सिंह रावत बोले—वीएसके बनेगा मील का पत्थर
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