ऋषिकेश, 17 जुलाई।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश में लाइब्रेरी रिसोर्सेज के बेहतर उपयोग और डिजिटल नॉलेज को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुक्रवार से दो दिवसीय कार्यशाला एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। केंद्रीय पुस्तकालय के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला का उद्घाटन कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने किया।
प्रो. मीनू सिंह ने कहा कि यह कार्यशाला छात्रों, शोधकर्ताओं और चिकित्सकों को डिजिटल लाइब्रेरी, चिकित्सा अनुसंधान और ई-संसाधनों के प्रभावी उपयोग का प्रशिक्षण प्रदान करेगी। वहीं, डीन रिसर्च एवं लाइब्रेरी कोर कमेटी के अध्यक्ष प्रो. शैलेन्द्र हांडू ने इसे ऑनलाइन डेटाबेस, ई-जर्नल्स, संदर्भ प्रबंधन और साक्ष्य-आधारित चिकित्सा साहित्य तक पहुंच के लिए उपयोगी बताया।
कार्यशाला के पहले दिन वेब ऑफ साइंस, क्लीनिकल-की, क्लीनिकल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मैकग्रा-हिल, बीएमजे, थीमी मेडवन और एब्स्को इंफॉर्मेशन सर्विसेज सहित कई प्रमुख प्रकाशन संस्थानों के विशेषज्ञों ने डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रदर्शन कर प्रतिभागियों को नवीनतम शोध संसाधनों की जानकारी दी।
वरिष्ठ पुस्तकालयाध्यक्ष एवं सूचना अधिकारी डॉ. संदीप कुमार सिंह ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं को डिजिटल डेटाबेस एवं ई-रिसोर्सेज के प्रभावी उपयोग के लिए प्रशिक्षित करना है। कार्यक्रम में मेकग्रा-हिल, एल्सेवियर, बीएमजे, वोल्टर्स क्लूवर, क्लैरिवेट, थीमी, सेज और जेपी सहित प्रतिष्ठित प्रकाशन समूहों के प्रतिनिधियों ने प्रशिक्षण दिया।
इस अवसर पर उप निदेशक (प्रशासन) ले. कर्नल गोपाल मेहरा, प्रो. जया चतुर्वेदी, प्रो. आशी चुग, प्रो. शालिनी राव, प्रो. रश्मि मल्होत्रा, डॉ. उदित चौहान सहित विभिन्न विभागों के फैकल्टी सदस्य, पीएचडी शोधार्थी, मेडिकल छात्र एवं लाइब्रेरी स्टाफ उपस्थित रहे।
एम्स में डिजिटल लाइब्रेरी संसाधनों पर दो दिवसीय कार्यशाला शुरू सब
देश-विदेश के प्रमुख प्रकाशकों ने ई-रिसोर्सेज, मेडिकल रिसर्च और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित प्लेटफॉर्म की दी जानकारी
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