बागेश्वर(आरएनएस)। दर्जा मंत्री भूपेश उपाध्याय ने पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी के पैतृक गांव नामतीचेटाबगड़ में बैलों से खेत जोतकर और धान की रोपाई कर जैविक खेती को बढ़ावा देने का संदेश दिया। उन्होंने किसानों के साथ खेत में उतरकर पारंपरिक कृषि पद्धतियों के महत्व को भी रेखांकित किया। उपाध्याय ने बताया कि उन्होंने नामतीचेटाबगड़ के तोक बच्चूवाथोड़ में कमल कोश्यारी के खेत में धान की रोपाई में भाग लिया। यह खेत पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी के परिवार से संबंधित हैं। इस दौरान उन्होंने स्वयं हल चलाकर किसानों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में आज भी अधिकांश कृषि कार्य पारंपरिक तरीकों से ही किए जाते हैं।
सड़क से दूर स्थित छोटे-छोटे सीढ़ीनुमा खेतों में ट्रैक्टर और अन्य आधुनिक कृषि उपकरणों का उपयोग संभव नहीं होता, इसलिए किसान बैलों के माध्यम से खेती करते हैं। उपाध्याय ने कहा कि समाज में प्रचलित कुछ रूढ़ धारणाओं को बदलने की आवश्यकता है। उन्होंने स्वयं हल चलाकर ऐसे सामाजिक मिथकों को तोड़ने का प्रयास किया है। कार्यक्रम में ग्राम प्रधान दीक्षा कोश्यारी, सामाजिक कार्यकर्ता सूबेदार चरन सिंह कोश्यारी, उपप्रधान होशियार सिंह कोश्यारी, कुंदन सिंह कोश्यारी, नंदन सिंह कोश्यारी, सुरेश सिंह कोश्यारी, खुशाल सिंह कोश्यारी, भरत सिंह कोश्यारी और लाल सिंह सहित अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।
बागेश्वर : दर्जा मंत्री भूपेश ने पूर्व सीएम के गांव में जोता हल
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