हमारी चौपाल
देहरादून, 24 जुलाई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती वर्ष पर आयोजित ‘समरसता संकल्प अभियान’ की प्रदेश कार्यशाला में प्रतिभाग करते हुए संत रविदास के विचारों को सामाजिक समरसता और समानता का आधार बताया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि संत रविदास के संदेश को गांव-गांव, मोहल्ले-मोहल्ले और घर-घर तक पहुंचाया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संत रविदास ने अपने जीवन और विचारों से ऊंच-नीच, छुआछूत और भेदभाव जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जनजागरण किया। उनका संदेश था कि व्यक्ति की पहचान उसकी जाति से नहीं, बल्कि उसके कर्म, चरित्र और विचारों से होती है। उन्होंने कहा कि ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’ और ‘बेगमपुरा’ की अवधारणा आज भी समानता और सामाजिक न्याय का मार्ग दिखाती है।
सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार अंत्योदय और ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना के साथ कार्य कर रही है। स्वच्छ भारत मिशन, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री आवास योजना, जनधन योजना और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं से गरीब और जरूरतमंद वर्ग के जीवन में व्यापक बदलाव आया है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार भी अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। पर्वतीय क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार, युवाओं के लिए पारदर्शी रोजगार और वंचित वर्गों के कल्याण को प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को सामाजिक समानता और समान अधिकार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं से ‘समरसता संकल्प अभियान’ को जन आंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान करते हुए कहा कि चौपालों, संवाद कार्यक्रमों और जनजागरण अभियानों के माध्यम से संत रविदास के प्रेम, भाईचारे और सामाजिक बंधुत्व के संदेश को हर व्यक्ति तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि सामाजिक एकता और राष्ट्र प्रथम की भावना से ही समरस और खुशहाल समाज का निर्माण संभव है।
